संजु चौधरी, शिमला: जेओए आईटी पेपर लीक मामले के बाद हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग को भंग करने का फैसला लिया हैं। मंगलवार शाम को यह फ़ैसला सरकार की ओर से लिया गया और इस बाबत अधिसूचना भी जारी कर दी गई। अब जब सरकार ने आयोग को भंग कर दिया हैं तो आयोग की ओर से जो भर्ती प्रक्रिया करवाई जानी थी उसे लेकर सवाल भाजपा की ओर से उठने शुरू हो गए हैं। इसे लेकर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कांग्रेस पर हमला साधा हैं।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के युवाओं का भविष्य अधर में लटका नजर आ रहा हैं। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि भर्ती प्रक्रिया कैसे पूरी होगी। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भर्ती प्रक्रिया को हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग से पूरे करने की बात कही है, लेकिन इससे युवाओं को खासी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारी चयन आयोग को भंग कर देना मामले का सही समाधान नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अब युवाओं को भर्ती प्रक्रिया के लिए शिमला के चक्कर काटने पड़ेंगे। इससे पहले कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर में युवाओं की सहूलियत के लिए खोला गया था।
पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू कर्मचारी चयन आयोग में ऊपर से नीचे तक सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के मिले होने की बात करते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर कौन पेपर बेचने के मामले में सम्मिलित हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कर्मचारी चयन आयोग को बंद करने की एक बड़ी वजह यह भी रही कि आयोग के चेयरमैन भारतीय जनता पार्टी की सरकार के समय नियुक्त किए गए थे। उन्होंने कहा कि इसलिए भी सरकार ने यह फैसला लिया हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पेपर सीक्रेसी से जुड़ा मामला सचिव के अधिकार क्षेत्र में आता हैं। इसमें चेयरमैन की कोई भूमिका नहीं होती। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर इसमें उनकी कोई भूमिका पाई जाती है, तो कार्रवाई की जानी चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार सभी आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करे और उनके नाम भी सार्वजनिक करे।
पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू बिना जानकारी के बयान देते हैं. मंडी शिवरात्रि के दौरान उन्होंने धार्मिक मंच से राजनीतिक भाषण देने का काम किया। यह पहली बार है जब इस परंपरा को तोड़ा गया। इससे पहले न तो कांग्रेस और न ही भाजपा की सरकार में कोई राजनीतिक भाषण दिए गए। उन्होंने कहा कि मंच से उन्होंने मंडी एयरपोर्ट और शिवधाम के लिए बजट न होने की बात भी कही हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को यह पता कर लेना चाहिए कि मंडी एयरपोर्ट के लिए 1 हजार करोड़ का बजट रखा गया था और जमीन अधिग्रहण का काम भी शुरू कर दिया गया था। इसके अलावा शिव धाम का काम तीन अलग-अलग चरणों में होना हैं। पहले चरण के लिए 50 करोड़ का टेंडर कर दिया गया था। जब भी बड़े काम किए जाते हैं, उसमें चरणबद्ध तरीके से टेंडर होते हैं। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री को पहले जानकारी लेनी चाहिए और उसके बाद बयानबाजी करनी चाहिए.
