धर्मशाला, राहुल-: पीएम श्री योजना के तहत कांगड़ा और चंबा जिलों के 46 चयनित स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने की कवायद शुरू हो गई है। इसी उद्देश्य से स्कूल प्रमुखों के लिए पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला में दोनों जिलों के पीएम श्री स्कूलों के प्रिंसिपल, हेडमास्टर और प्राथमिक विद्यालयों के प्रमुख हिस्सा ले रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान स्कूल नेतृत्व क्षमता विकसित करने के साथ-साथ पीएम श्री और समग्र शिक्षा के तहत चलाए जा रहे कार्यक्रमों को प्रभावी तरीके से लागू करने की जानकारी दी जा रही है।शिक्षा उपनिदेशक निरीक्षण, जिला कांगड़ा भाग सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य स्कूल प्रमुखों को पीएम श्री योजना के प्रावधानों और विभिन्न गतिविधियों की व्यवहारिक जानकारी देना है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्कूल प्रमुखों को नेतृत्व क्षमता, शैक्षणिक गुणवत्ता और विद्यालय स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कांगड़ा जिला में कुल 30 पीएम श्री स्कूल चयनित हैं। इनमें 23 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, दो हाई स्कूल और पांच प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं। वहीं चंबा जिला में 16 पीएम श्री स्कूल हैं, जिनमें 12 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय और चार प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं। इस तरह दोनों जिलों के कुल 46 विद्यालयों के प्रमुख प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्सा बन रहे हैं।पीएम श्री स्कूलों में आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं के विकास पर भी जोर दिया जा रहा है। योजना के तहत आईसीटी लैब, डिजिटल लाइब्रेरी, अटल टिंकरिंग लैब, खेल मैदान, शौचालय और साइंस लैब जैसी सुविधाओं को विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विद्यार्थियों को कक्षा शिक्षण के साथ व्यावहारिक अनुभव देने के लिए एक्सपोजर विजिट सहित विभिन्न गतिविधियां भी करवाई जा रही हैं।डाइट कांगड़ा में लेक्चरर इन इंग्लिश एवं पीएम श्री योजना की डीएनओ चित्रकला ने बताया कि कांगड़ा के 30 पीएम श्री स्कूलों के लिए केंद्र सरकार की ओर से फंडिंग उपलब्ध करवाई जाती है, जो राज्य सरकार के माध्यम से संबंधित स्कूलों तक पहुंचती है। विभिन्न इंटरवेंशन के लिए निर्धारित प्रावधानों के अनुसार स्कूलों को धनराशि उपलब्ध करवाई जाती है।उन्होंने बताया कि पीएम श्री योजना के तहत स्कूलों को फंडिंग दो चरणों में दी जा रही है। पहली किस्त जारी की जा चुकी है और इसकी उपयोगिता 31 अक्टूबर तक मांगी गई है। इसके बाद दूसरी किस्त जारी की जाएगी, जिसका उपयोग 31 मार्च तक किया जाना है। दूसरी किस्त उपयोगिता प्रमाणपत्र मिलने के बाद जारी होगी। कुछ अनुदान सभी स्कूलों को समान रूप से दिए जाते हैं, जबकि कुछ राशि स्कूलों की छात्र संख्या और जरूरत के आधार पर निर्धारित की जाती है।प्रशिक्षण कार्यशाला के माध्यम से स्कूल प्रमुखों को उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और पीएम श्री योजना की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से जमीन पर उतारने के लिए तैयार किया जा रहा है। विभाग का फोकस स्कूलों में बेहतर नेतृत्व, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यार्थियों के समग्र विकास को मजबूत करने पर है।

