शिमला,4 अप्रैल:शिमला के उपायुक्त अनुपम कश्यप ने शनिवार को “चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट” श्रेणी के दो होनहार बच्चों—अमृत वर्मा और मोक्षित शर्मा—को उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया। इस अवसर पर दोनों बच्चों को शॉल और टोपी पहनाकर सम्मानित किया गया।
उपायुक्त ने कहा कि अमृत और मोक्षित की सफलता अन्य बच्चों के लिए प्रेरणा है। अमृत वर्मा का चयन राज्य स्तरीय INSPIRE विज्ञान कार्यशाला के लिए हुआ है, जबकि मोक्षित शर्मा को राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति योजना (NMMSS) के तहत ₹12,000 वार्षिक छात्रवृत्ति मिली है।उन्होंने बताया कि “चिल्ड्रन ऑफ the स्टेट” योजना के तहत बेसहारा और जरूरतमंद बच्चों को सरकार पूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है, जिससे वे बिना किसी बाधा के अपने सपनों को साकार कर सकें। मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना का उद्देश्य ऐसे बच्चों को सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन देना है।अमृत वर्मा ने दृष्टिबाधित लोगों के लिए “स्मार्ट सेंसर स्टिक” का नवाचार प्रस्तुत किया है, जिसमें सेंसर, वाइब्रेशन मोटर और स्पीकर जैसी तकनीकों का उपयोग होगा। यह स्टिक रास्ते में आने वाली बाधाओं को पहचानकर उपयोगकर्ता को सचेत करेगी, जिससे उनकी सुरक्षा और स्वतंत्रता बढ़ेगी। इस मॉडल के लिए उन्हें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग से ₹10,000 की सहायता भी मिली है।वहीं, मोक्षित शर्मा का चयन NMMSS योजना के तहत हुआ है, जिसके अंतर्गत उन्हें कक्षा 9 से 12 तक पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता मिलेगी।दोनों छात्र पहले राजकीय उच्च विद्यालय जाखू में अध्ययनरत थे और वर्तमान में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला टूटीकंडी में अपनी पढ़ाई जारी रखे हुए हैं।इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी ममता पॉल भी उपस्थित रहीं।
