विकास शर्मा, चिंतपूर्णी: हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला में स्थित विश्वविख्यात शक्तिपीठ चिंतपूर्णी में आए दिन भक्तों का तांता लगा रहता हैं। मंदिर में क़ई श्रद्धालु लेट कर तो कई घुटने टेकते हुए तो कोई हाथों में जोत लेकर पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं ने जो मनोकामना मां चिंतपूर्णी से की हैं उसके पूरा होने पर श्रद्धालु अपनी मनोकामना के अनुसार माता रानी के दर्शनों के लिए पहुंचते हैं लेकिन बुधवार को मां चिंतपूर्णी के दरबार में एक ऐसे भक्त भी पहुंचे जो चित्रकूट से चिंतपूर्णी तक का सफर साइकिल पर पूरा कर पहुंचे हैं।
चित्रकूट से भारतवर्ष के तीर्थ स्थलों की यात्रा पर निकले यह महात्मा एक साल के बाद बुधवार को शक्तिपीठ चिंतपूर्णी पहुंचे। महात्मा ने पिछले साल चित्रकूट से अपनी साइकिल यात्रा शुरू की थी और भारत यात्रा के भृमण के दौरान विभिन्न तीर्थस्थलों की यात्रा करते हुए हिमाचल के मंदिरों जिसमें कांगड़ा, चामुंडा,बगलामुखी, चिंतपूर्णी मंदिरों में दर्शन भी यह महात्मा कर रहे हैं।
महात्मा ने बताया की पिछले साल जनवरी महीने में उन्होंने साइकिल पर अपनी भारत यात्रा शुरू की थी जो कि एक साल बाद चिंतपूर्णी मंदिर में आकर खत्म हुई हैं। महात्मा ने बताया कि यात्रा के दौरान वे रात के समय किसी सरायं या मंदिर में रात गुजार लेते हैं और सुबह होते ही अपनी यात्रा फिर शुरू कर देते हैं।
