भावना,मंडी: हिमाचल प्रदेश की छोटी काशी मंडी के साइकलिस्ट जसप्रीत पॉल ने अपने नाम एक और उपलब्धि दर्ज करवा ली हैं। इस बार की उपलब्धि में जसप्रीत पॉल ने मंडी जिला के नाचन क्षेत्र के आख़री गांव तोखर तक का सफर साइकिल से पूरा किया है, हालांकि उनका लक्ष्य तो मंडी जिला की सबसे ऊंची चोटी माता शिकारी देवी (3378m) जिसे कि मंडी जिला का ताज भी कहा जाता है उसे साइकिल से फ़तह करना था लेकिन तोखर से आगे रास्ता सही न होने की वजह से वह तोखर गांव तक का ही सफ़र पूरा कर पाएं। नाचन क्षेत्र के आखिरी गांव तोखर को साइकिल से फ़तह करने वाले जसप्रीत पॉल पहले व्यक्ति है। यही वजह है कि अपने साइकलिंग के इस सफर में एक ओर उपलब्धि जोड़ने में जसप्रीत पॉल सफ़ल हुए है।

जसप्रीत पॉल 13 नंवबर को मंडी से सुबह 5:30 बजे अपनी साइकिल पर शिकारी माता के लिए निकले थे। वहीं डडौर चौक से बिलासपुर के सचिन भारद्वाज भी उनकी इस एक्सपीडिशन में उनके साथ शामिल हुए ओर आगे का सफर दोनों ने एक साथ तय किया। बग्गी से चैलचौक तक की कठिन चढ़ाई को दोनों ने 1 घंटा 9 मिनट में पूरा किया और वहां पहुंच कर अपना नाश्ता और चाय पी। इसके बाद नाचन न सिराज क्षेत्र की खूबसूरत वादियों,पहाड़ों को निहारते हुए धनग्यारा गांव ओर वहां से देवीदढ जो कि एक पर्यटन स्थल है वहां तकरीबन दोपहर 1 बजे पहुंचे, लेकिन यहीं से आगे माता शिकारी देवी जहां जाने का लक्ष्य तय किया था का कठिन सफर शुरू होना था। यहां से शिकारी देवी लगभग 8 किलोमीटर दूर थी और आगे का रास्ता भी बेहद खराब था।
रास्ता खराब होने के बाद भी जसप्रीत ओर सचिन ने हौंसला नहीं छोड़ा और आगे बढ़ने का निर्णय लिया। इसके बाद दोनों ने देवीदढ़ से नाचन क्षेत्र के आखरी गांव तोखर तक 3 किलोमीटर का सफ़र साइकिल से तय किया। बेहद कठिन और सीधी चढ़ाई चढ़कर दोनों दोपहर 3 बजकर 30 मिनट पर तोखर गांव पहुंचे। यहां पहुंचने पर उन्होंने शिकारी माता की तरफ से आ रहे कुछ लोगों से आगे के रास्ते के हालात के बारे में पूछा तो पता चला कि आगे का रास्ता बेहद खराब है और आगे बढ़ना किसी भी सूरत में सही नहीं होगा। ऐसे में जसप्रीत पॉल ओर सचिन ने शिकारी माता यानी मंडी जिला की सबसे ऊंची चोटी को साइकिल से फ़तह करने के अपने लक्ष्य को फ़िलहाल के लिए नाचन के आखरी गांव तोखर तक ही रखने का निर्णय लिया। इसके बाद दोनों साइकिल से ही मंडी शहर तक वापिस आए।
जसप्रीत पॉल ने बताया कि उन्होंने अपने लक्ष्य में मंडी की सबसे ऊंची चोटी शिकारी माता को साइकिल से फ़तह करना तय किया था, लेकिन मौसम और रास्ता अनुकूल न होने की वजह से उन्हें अपना यह सफर नाचन के आखिरी गांव तोखर पर ही समाप्त करना पड़ा जिसका उन्हें मलाल है। उन्होंने कहा कि आगे रास्ता सही ना होने की वजह से और मौसम अनुकूल ना होने की वजह से उन्होंने आगे बढ़ने का रिस्क नहीं लिया, लेकिन जैसे ही मौसम सही होगा तो वह अपने इस अधूरे लक्ष्य को साधने के लिए दोबारा से साइकिल पर निकलेंगे और उम्मीद रखते हैं कि अगली बार वह साइकिल से माता शिकारी देवी चोटी को फ़तह करने में सफ़ल होंगें। इससे पहले भी जसप्रीत पॉल नवंबर 2020 में नाचन क्षेत्र की सबसे ऊंची चोटी बड़ा देव कमरुनाग को भी साइकिल से फतेह कर चुके हैं। इस चोटी की ऊंचाई 3334 मीटर की है। साइकिल से 9 घंटे 8 मिनट में पूरा किया 116 किलोमीटर का सफर जसप्रीत पॉल ने मंडी से तोखर और तोखर से मंडी तक का 116 किलोमीटर का सफर 9 घंटे 8 मिनट में पूरा किया।
यह उपलब्धियां जसप्रीत कर चुके हैं अपने नाम
जसप्रीत पॉल ने अभी हाल ही में अगस्त माह में आजादी के अमृत महोत्सव के तहत मिशन कारगिल में भाग लेकर मनाली से कारगिल तक का सफर जांस्कर घाटी से होते हुए सात दिनों में साइकिल से पूरा कर एक अलग रिकॉर्ड बनाया है। छह लोगों के दल ने इस मिशन कारगिल के 585 किलोमीटर के सफर को साइकिल से फ़तह किया था जिसमें जसप्रीत पॉल भी शामिल थे। साइकलिंग में जसप्रीत ने प्रदेश का नाम भी रोशन किया है। फायरफ़ॉक्स-फ़ायरस्ट्रोम चैलेंज 2021 में देश में पहला स्थान जसप्रीत हासिल किया है। इसके साथ ही कई जिलास्तरीय प्रतियोगिताओं में भी वह विजेता रह चुके है। इसके साथ ही उन्होंने तीन प्रमुख यात्राएं भारतीय प्रशासनिक अधिकारी संदीप कुमार के साथ साइकलिंग के माध्यम से पूरी की है जिसमें की पहली यात्रा मंडी के थूनाग से चंद्रताल,रोहतांग पास से होते हुए चार दिन में पूरी की है। वहीं दूसरी यात्रा मनाली से चंबा वाया उदयपुर,किलाड़ से होते हुए साच पास दर्रे को भी साइकिल पर पार किया है।
तीसरी यात्रा उन्होंने शिमला से चांसल पास तक कि साइकिल पर पूरी की है। इसके साथ ही साइकिल चैंपियनशिप की बात की जाए तो जसप्रीत पॉल ने 23 जून से 26 जून तक आयोजित हुई फर्स्ट एमटीवी हिमाचल चैंपियनशिप में तीसरा स्थान हासिल किया है। उन्होंने बताया कि इस मिशन का उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देना व पर्यावरण संरक्षण के साथ ही भारत सरकार की ओर से चलाए जा रहे फिट इंडिया मूवमेंट के तहत लोगों को फिटनेस के प्रति जागरूक करना भी हैं। उनका साइकिल से इस सफर को पूरा करने का एक ओर उद्देश्य यह भी है कि आज की जो युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में फंसती जा रही है उन्हें नशे से दूर कर खेलों के साथ ही फिटनेस की तरफ़ मोड़ा जा सके।
