मंडी : धर्मवीर – पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश के कारण सुकेती खड्ड ने भयंकर रूप धारण कर लिया है। सुकेती खड्ड में आये जल सैलाव से बल्ह घाटी पूरी तरह से जलमग्न हो गयी है। साथ ही चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे सहित कीरतपुर मनाली फोरलेन में भी जल भराव हो गया है।
इस बाढ़ से क्षेत्र के 50 के करीब गांवों में जहाँ हर जगह पानी पानी दिखाई दे रहा है, वहीं क्षेत्र के दर्जनों स्कूल भी जलमग्न ही गए हैं। सुकेती खड्ड के बहाव में मंडी नेरचौक हाइवे के किनारे स्थापित विभिन्न इंडस्ट्रीज भी जल मग्न हो गयी है। यहां पर स्थापित ऑटोमोबाइल एजेंसियों में बाढ़ का पानी घुसने से गाड़ियां को नुकसान के साथ कई गाड़ियां खड्ड में बह गई हैं। चक्र के पास सन 1986 से संचालित महालक्ष्मी आटा मील में जलभराव होने से वहां पर काम करने वाले एक दर्जन के करीब मजदूर फंस गए। जिन्हें बाद में रस्सी की मदद से अन्य मजदूरों द्वारा रेस्क्यू किया गया। मील में काम करने वाले मजदूरों ने बताया कि आटा मील के साथ लगती बिल्डिंग की दीवार टूटने से मील में 8 से 10 फ़ीट पानी घुस गया। जिस कारण वह और उनके साथी मील में ही फंस गए। उन्होंने बताया कि कुछ साथी अभी भी उनके दूसरे प्लांट में ही फंसे हुए है।
प्रशासन ने बाढ़ के बारे में पहले ही किया था अलर्ट
आटा मील के डायरेक्टर करुण ने बताया कि जिला प्रशासन ने बाढ़ के बारे में पहले ही अलर्ट जारी कर दिया था, जिस कारण मील में कोई भी जानी नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि जब से यहां पर इंडस्ट्रीज स्थापित की गई है पहली बार इतनी तबाही यहां पर देखने को मिली है। इस बाढ़ से आटा मील का करोड़ों रुपए का नुकसान हो गया है।
उधर चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे जगह-जगह बंद होने के कारण बीती शाम से पूरी तरह से बंद है। हालांकि प्रशासन द्वारा छोटे वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जा रहा है, लेकिन बड़े बड़े वाहन अभी भी नेशनल हाईवे व फोरलेन पर फंसे हुए हैं। जिस कारण दोनों हाईवे पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई है।
