Nurpur, Sanjeev -:नूरपुर उपमंडल में विद्युत बोर्ड पेंशनर फोरम इकाई की मासिक बैठक विद्युत विश्राम गृह, बोड़ जसूर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता इकाई प्रधान मान सिंह ने की, जिसमें बड़ी संख्या में पेंशनरों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य मुद्दा सरकारी विभागों पर लंबित बिजली बिलों की वसूली, कर्मचारियों-पेंशनरों की लंबित मांगें और प्रस्तावित बिजली संशोधन बिल-2025 रहा।
बैठक में पेंशनर फोरम ने बताया कि आईपीएच, स्वास्थ्य, पीडब्ल्यूडी और अस्पतालों सहित विभिन्न सरकारी विभागों पर बिजली बोर्ड के लगभग 644 करोड़ रुपये के बिल बकाया हैं। पेंशनरों ने इन बकायों की तुरंत वसूली की मांग करते हुए कहा कि इससे बोर्ड की वित्तीय स्थिति प्रभावित हो रही है। फोरम का कहना है कि यदि समय रहते राशि जमा नहीं करवाई गई तो प्रबंधन को संबंधित विभागों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए।राज्य उपाध्यक्ष पवन मोहल ने कहा कि बोर्ड के आर्थिक संसाधनों की मजबूती के लिए बकाया वसूली जरूरी है, ताकि कर्मचारियों और पेंशनरों के वित्तीय लाभ समय पर जारी हो सकें। बैठक में फ्री बिजली नीति पर भी सवाल उठाए गए और इसे बोर्ड के हितों के खिलाफ बताया गया।इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित बिजली संशोधन बिल-2025 पर भी विस्तार से चर्चा हुई। पेंशनर फोरम ने इस बिल को उपभोक्ताओं, कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों के प्रतिकूल बताते हुए इसके विरोध का निर्णय लिया। इसी कड़ी में 22 जनवरी को जिला कांगड़ा के रैत में बिजली बोर्ड ज्वाइंट फ्रंट की संयुक्त बैठक आयोजित करने का ऐलान किया गया।
बैठक में 2016 से संशोधित वेतनमानों की बकाया राशि, लीव इनकैशमेंट, ग्रेच्युटी और अन्य लंबित वित्तीय लाभों को शीघ्र जारी करने की मांग दोहराई गई। पेंशनर फोरम ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
Chandrika
