Nurpur, Sanjeev-:गणतंत्र दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायत सुरपाड़ा, तहसील सिहुंता, जिला चंबा (हिमाचल प्रदेश) में अर्जुन सेव अर्थ फाउंडेशन द्वारा जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास पर आधारित एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता फाउंडेशन के निदेशक बृजेश पठानिया ने की।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को तकनीकी, व्यावसायिक, प्रोफेशनल, पैरामेडिकल एवं शैक्षणिक AI आधारित पाठ्यक्रमों हेतु ₹7 लाख तक की छात्रवृत्ति योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि मैट्रिक व प्लस टू में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी इन योजनाओं के लिए पात्र हैं। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।स्वास्थ्य जागरूकता सत्र में संतुलित आहार एवं प्राकृतिक पोषण के महत्व पर प्रकाश डाला गया। विशेष रूप से मोरिंगा (सहजन) के औषधीय एवं पोषण संबंधी गुणों की जानकारी दी गई, जिसे ‘सुपरफूड’ भी कहा जाता है। इसके साथ ही श्रमिक वर्ग के लिए श्रम विभाग की कल्याणकारी योजनाओं, सोलर पैनल सब्सिडी, प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने के उपायों तथा उद्यमियों के लिए विभिन्न सरकारी सब्सिडी योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई।
सतत विकास पर विशेष जोर
वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान पीढ़ी का विकास तभी सार्थक होगा जब प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित एवं विवेकपूर्ण उपयोग किया जाएगा। जल, वन, भूमि, खनिज एवं ऊर्जा जैसे सीमित संसाधनों का संरक्षण भविष्य की पीढ़ियों के अधिकारों के लिए आवश्यक है। नवीकरणीय ऊर्जा, जैविक खेती, वृक्षारोपण, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन एवं पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों को अपनाकर ही आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित किया जा सकता है।कार्यक्रम के अंतर्गत 800 पौधों का निःशुल्क वितरण किया गया, जिनमें सेब, मोरिंगा, कुमकाट नींबू, पॉपलर (110 किस्में), फूलों एवं इनडोर पौधे शामिल थे।इस अवसर पर ग्राम पंचायत सुरपाड़ा की प्रधान रुमला देवी, पूर्व प्रधान पवन कुमार, बीडीसी सदस्य अल्पना देवी, उपप्रधान कर्म चंद, पंचायत सदस्य पोपी जी, सुलोचना देवी, अजय कुमार, जगदीश राणा, अमर कुमार, कांता देवी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने अर्जुन सेव अर्थ फाउंडेशन के पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक उत्थान के प्रयासों की सराहना की तथा गणतंत्र दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, सिंगल यूज़ प्लास्टिक के प्रयोग में कमी एवं सतत एवं समावेशी विकास के लिए सामूहिक संकल्प लिया।
