हमीरपुर, अरविन्द-:हमीरपुर जिला के दूध उत्पादकों का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त से मिला और उन्हें डेयरी किसानों की विभिन्न समस्याओं से अवगत करवाया। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि जिला में सरकारी माध्यम से घर-द्वार दूध एकत्रीकरण की व्यवस्था शीघ्र शुरू की जाए, ताकि उत्पादकों को राहत मिल सके।
दूध उत्पादकों ने बताया कि पिछले छह महीनों से पशुपालन विभाग, हिमफेड और अन्य सरकारी संस्थाओं के माध्यम से किसानों का पंजीकरण किया जा रहा है। बावजूद इसके अभी तक सरकारी एजेंसी द्वारा दूध संग्रहण की ठोस व्यवस्था शुरू नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि जिला के कई किसान प्रतिदिन 50 से 100 लीटर तक दूध उत्पादन कर रहे हैं, लेकिन उचित संग्रहण और विपणन व्यवस्था न होने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
दूध उत्पादक रंजन शर्मा ने बताया कि गर्मी का मौसम नजदीक है, ऐसे में दूध के खराब होने का खतरा भी बढ़ जाता है। यदि समय पर संग्रहण की व्यवस्था नहीं हुई तो किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी मांग की कि पशुओं के चारे और आहार को रियायती दरों पर उपलब्ध करवाया जाए, जिससे डेयरी व्यवसाय को प्रोत्साहन मिल सके।एक अन्य दूध उत्पादक अनिल ने बताया कि जिला में युवाओं का डेयरी फार्मिंग की ओर रुझान बढ़ रहा है। कई युवाओं ने पंजाब और अन्य राज्यों से उन्नत नस्ल के दुधारू पशु खरीदे हैं और स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन शीघ्र सकारात्मक कदम उठाएगा।उपायुक्त ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि संबंधित विभागों से चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे, ताकि दूध उत्पादकों की समस्याओं का समाधान किया जा सके।
TAGGED:
Hamirpur Milk producers
Chandrika
