अनिल कुमार, किन्नौर: किन्नौर जिला की सतलुज नदी में एक बार फिर से मशीनों से खनन का कार्य शुरू कर दिया गया है। लगातार भारी-भरकम मशीनें सतलुज नदी को छलनी करने का काम कर रही है, लेकिन प्रशासन यह सब मूकदर्शक बन देख रहा है। इन दिनों किन्नौर जिला के सतलुज नदी पर निर्माणाधीन 450 मेगावाट की शोंगठोंग करछम जल विद्युत परियोजना की ओर से पवारी के पास सतलुज नदी से भारी भरकम मशीन लगाकर अवैध खनन करके रेता निकाला जा रहा है, मगर जिला प्रशासन इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
किन्नौर के उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक से जब इस बारे पूछा गया तो उन्होंने बताया कि यह बात मीडिया ने प्रशासन के संज्ञान में लाई है और प्रशासन इसकी जांच करवा रहा हैं। उन्होंने यह भी बताया कि खनन विभाग की ओर से उन्हें बताया गया है कि निर्माणाधीन 450 मेगावाट की शोंगठोंग जल विद्युत परियोजना को नदी से खनन का अधिकार दिया गया है। यह किस नियमों के अनुसार दिया गया है अभी इसकी जांच करवाई जा रही है और अभी रिपोर्ट आना बाकी है।
बता दे कि किन्नौर जिला के मध्य बहने वाली पवित्र सतलुज नदी का सीना लगातार छलनी किया जा रहा है इसमें खनन माफिया रात्रि के समय सबसे अधिक सक्रिय होता है लेकिन पुलिस इन माफियाओं पर कार्रवाई करने में असमर्थ दिख रहे है। जिला के सतलुज नदी पर जलविद्युत परियोजनाओं की ओर से भी जिस प्रकार से नदी पर बड़ी-बड़ी मशीनें उतार कर रेता उठाया जा रहा है। उससे भी नदी पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में प्रशासन की ओर से जांच शुरू की गई हैं, जिसके बाद खनन की असली बात सामने आएगी।
