बिलासपुर: पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर ओर भाजपा मंत्रियों के बीच बयानबाजी का सिनसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। विधायक रामलाल ठाकुर ने अब पशुपालन मंत्री विरेंद्र कंवर के ब्यान पर पलटवार किया है ओर कहा है कि मंत्री साहब कोर्ट में जाने की धमकी दे रहे है। वह कोर्ट की धमकियों से डरने वालों में से नहीं है और उनके बोलें हुए शब्द तथ्यों पर आधारित होते है। उन्होंने कहा कि मंत्री कोर्ट जाने की धमकी ही क्यूं दे रहे हैं सीधे कोर्ट में क्यों नहीं चले जाते।
बिलासपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रामलाल ठाकुर ने एक बार फिर से पशुपालन मंत्री विरेंद्र कंवर पर हमला करते हुए कहा कि उन्होंने पशुपालन और मत्स्य विभाग में जो घोटाले के आरोप लगाए हैं वह एक कड़वी सच्चाई है जिससे अब मंत्री बौखला गए हैं
उन्होंने कहा कि सच्चाई को छुपाया नहीं जा सकता प्रदेश की जनता को भी पता लगना चाहिए कि गोविंदसगर झील की मछलियों का ठेकेदार किसका साला है। रामलाल ठाकुर ने कहा कि मत्स्य विभाग में भारी पैमाने पर भ्रष्टाचार करते हुए एक व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के लिए हजारों मछुआरों का गला घोट दिया गया उसके लिए कौन जिम्मेवार है। बतौर मंत्री विरेंद्र कंवर बताएं की झीलों में मछलियों का ठेकेदार किसका साला है। उन्होंने कहा कि मत्स्य विभाग की ओर से गोविंदसागर और कोलडैम में मात्र एक एक लाख बीज डाल कर उसे करोड़ों का दर्शाया गया, जो कि एक बड़ा घोटाला है और वह उसकी सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।
रामलाल ठाकुर ने भाजपा के राज्य प्रवक्ता को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वह प्रचार कर रहे हैं की रामलाल ठाकुर मुख्यमंत्री बनने के सपने देखता है जबकि असलियत तो यह है की वह खुद मुख्यमंत्री बनने के सपने देखते रहे और लोगों ने उन्हें विधायक भी नही बनाया। रामलाल ने कहा कि जब जब भी वह लोगों से आशीर्वाद लेने विधानसभा पहुंचे हैं तो उन्हें सरकार में बड़े-बड़े विभाग मिले हैं उन्हें बताने की आवश्यकता नहीं है।
