Hamirpur, Arvind – मनरेगा मजदूरों ने अपने लंबित लाभ जारी न होने पर सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया। सीटू के बैनर तले सैकड़ों मजदूरों ने हमीरपुर तहसील परिसर से श्रम कल्याण बोर्ड के राज्य कार्यालय तक रैली निकाली और कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान मजदूरों ने कार्यालय के सरकारी वाहन को भी रोककर घेरा।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रदेश में सरकार बनने के बाद से मनरेगा मजदूरों के लाभ रोके गए हैं। लगभग 500 करोड़ रुपये की राशि पिछले तीन वर्षों से लंबित है। मजदूरों ने दो बार नवीनीकरण की शर्त को हटाने और लाभ जल्द जारी करने की मांग उठाई।
सीटू के राज्य अध्यक्ष जोगिंद्र कुमार ने कहा कि मजदूरों के हक पर कुठाराघात किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बोर्ड ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया तो दिसंबर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।कामगार कल्याण बोर्ड के सदस्य भूपेंद्र ने बताया कि प्रदेश में एक लाख 12 हजार मजदूर लाभ के इंतजार में हैं, जिनमें से 10 हजार मजदूरों को शादी, छात्रवृत्ति और मातृत्व योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। वर्ष 2020-21 में आवेदन करने वालों को भी लाभ जारी नहीं किया गया।उन्होंने बताया कि प्रदेश में 4.76 लाख कामगार पंजीकृत हैं, लेकिन अब तक मात्र 61 हजार की ही ई-केवाईसी पूरी हो सकी है। यह प्रक्रिया वर्ष 2024 में शुरू की गई थी, परंतु धीमी गति से चल रही है, जिससे मजदूरों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
