चन्द्रिका : हिमाचल प्रदेश सरकार ने 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों को पर्याप्त और पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाने के उदेश्य से मुख्यमंत्री बाल सुपोषण योजना की शुरुआत की है । इस योजना के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश के निवासी लाभ उठा सकते हैं । योजना का दूसरा मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान और बच्चों में कुपोषण को दूर करना हैं ।आज हम आपको इस लेख में इस योजना की विस्तृत जानकारी देंगे ।
Benefits of Mukhyamantree baal suposhan yojna
हिमाचल प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सुपोषण योजना छोटे बच्चों, किशोरियों और गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए एक लाभकारी योजना हैं ।
योजना का मुख्य उद्देश्य 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों को पर्याप्त एवं पौष्टिक आहार उपलब्ध कराकर राज्य में बच्चों के पोषण स्तर में सुधार करना है।
इस योजना का लाभ 6 महीने से 6 साल के बच्चों, 6 साल से 10 साल के बच्चों, किशोरियों और गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए हैं ।
इस योजना के तहत माताओं को 1,000 दिनों के बच्चे के जन्म, पूर्व और प्रसव के बाद सहायता दी जाएगी।
इस योजना में बच्चों को अतिरिक्त प्रोटीन युक्त भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
स्थानीय महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से खाद्य सामग्री की खरीद का विकल्प तलाशा जाएगा।
Elegibility of this Scheme :
आवेदक हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।
गर्भवती महिलाएं एवं छह वर्ष की आयु तक के शिशु ।
Important Documents Required :
हिमाचल प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सुपोषण योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज
आधार कार्ड।
राशन कार्ड।
पासपोर्ट साइज फोटो।
मूल निवास प्रमाण पत्र।
How to apply :
हिमाचल प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सुपोषण योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी को कहीं भी जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
योजना के अंतर्गत प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों में माताओं एवं बच्चों को इस योजना लाभ दिया जाएगा।
आगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा गर्भवती महिलाओं शिशुओं उनके स्वास्थ्य की जांच एवं निगरानी की जाएगी।
