कुल्लू : मनमिंन्द्र अरोड़ा -वैसे तो हिमाचल प्रदेश में सरकार और प्रशासन विकास करने का दावा करते हैं,लेकिन जमीन पर हकीकत कुछ और ही तस्वीरें बयान करती है ।कुल्लू जिला से मणिकर्ण घाटी की बरशेनी पंचायत के पुलगा गांव को जोड़ने वाला पुल 5 सालों से नहीं बन पाया है । पुलगा गांव में 600 लोगों की आबादी है, साथ ही यहां पर पर्यटक भी घूमने के लिए आते हैं लेकिन पुलगा गांव को जोड़ने वाले पुल का निर्माण कछुए की चाल से चल रहा है।
लकड़ी के जुगाड़ से ग्रामीण नदी पार करने को मजबूर
ग्राम पंचायत प्रधान रविंद्र कुमार ने बताया कि बीते काफी समय से लोक निर्माण विभाग यहां पर पुल का निर्माण कार्य नहीं कर रहा है ।वही बरसात भी अब शुरू होने वाली है । ऐसे में नदी का जलस्तर भी बढ़ना शुरू हो जाता है,यहां पर लोगों को अभी भी लकड़ी के फट्टे के ऊपर से ही नाले को पार करना पड़ता है ।हालांकि यह रास्ता गाड़ियों को क्रॉस करने के लिए बनाया गया है,लेकिन नदी का जलस्तर बढ़ने के चलते लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । उन्होंने कहा कि यहाँ पर पर्यटक भी काफी मात्रा में घूमने के लिए पहुंचते हैं और इसी रास्ते से पार होकर गाँव में पहुँचते है और गर्मियों में पहाड़ों पर बर्फ पिघलने से नदी का जलस्तर कभी भी बढ़ सकता है । ऐसे में यहां पर कोई हा+दसा भी पेश आ सकता है, ऐसे में स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पुल के निर्माण कार्य को तेज गति से किया जाए ताकि कोई हा+दसा यहां पर पेश ना आए ।
ग्राम पंचायत प्रधान रविंद्र कुमार ने कहा कि पुलगा गांव की आबादी 600 के करीब है और यहां पर्यटक भी घूमने के लिए आते हैं, लेकिन पुल ना होने के चलते कोई बड़ा हा+दसा भी आने वाले समय में हो सकता है । ऐसे में उन्होंने जिला प्रशासन से यह मांग रखी है कि यहां पर पुल के निर्माण कार्य में तेज गति से कार्य किया जाए ।
