Chamba, Manjur Pathan-हिमाचल सरकार शिक्षा में सुधार के दावे तो कर रही है, लेकिन चुराह विधानसभा क्षेत्र के राजकीय केंद्रीय प्राथमिक विद्यालय नेरा की स्थिति इन दावों की सच्चाई सामने ला रही है।
इस विद्यालय में कुल 78 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन यहां सिर्फ एक जेबीटी शिक्षक और एक केंद्रीय मुख्य अध्यापक ही तैनात हैं। मुख्य अध्यापक को अपने अधीन छह अन्य स्कूलों का भी निरीक्षण करना पड़ता है, जिससे स्कूल की पूरी जिम्मेदारी एकमात्र जेबीटी शिक्षक के कंधों पर आ जाती है। इससे बच्चों की पढ़ाई पर गंभीर असर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के साथ स्कूल प्रबंधन भी सरकार से मांग कर रहा है कि यहां शीघ्र ही दो अतिरिक्त जेबीटी अध्यापकों की नियुक्ति की जाए।
विद्यालय प्रशासन के अनुसार, बच्चों की संख्या के अनुपात में स्टाफ बेहद कम है। यह सीधे तौर पर शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित कर रहा है।
कासम दीन, केंद्रीय मुख्य अध्यापक, राजकीय केंद्रीय प्राथमिक विद्यालय नेरा
“इस समय हमारे स्कूल में 78 बच्चे हैं, लेकिन स्टाफ के नाम पर सिर्फ मैं और एक जेबीटी शिक्षक ही कार्यरत हैं। मुझे अपने अधीन आने वाले अन्य छह स्कूलों में भी निरीक्षण के लिए जाना होता है। ऐसे में एक ही शिक्षक के भरोसे पूरे स्कूल को चलाना बहुत कठिन हो जाता है। हम सरकार से आग्रह करते हैं कि स्कूल में जल्द से जल्द दो अतिरिक्त जेबीटी शिक्षक तैनात किए जाएं, ताकि बच्चों की पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रह सके।”
