राहुल चावला, धर्मशाला: पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान कांगड़ा स्थित धर्मशाला संचालित विभिन्न ट्रेनिंग कार्यक्रमों में अब कस्टम ज्वेलरी उद्यम ट्रेनिंग का कोर्स भी जुड़ गया हैं। महिलाओं में कस्टम ज्वेलरी के बढ़ते प्रचलन को देखते हुए आरसेटी ने इस नए कोर्स को शामिल किया हैं । मिनिस्ट्री आफ रुरल डिवेलपमेंट की ओर से नए कोर्सिस सुझाए जाते हैं, जिनके होने के बाद पीएनबी आरसेटी की ओर से उसे कोर्स में शामिल किया जाता हैं।
पीएनबी आरसेटी के माध्यम से संचालित कोर्सिस की संख्या 17 हो गई हैं। इन कोर्सिस की ट्रेनिंग में 99 फीसदी महिलाएं ही आगे रही हैं, जबकि 1 फीसदी पुरुष रुचि दिखा रहे हैं। इस वर्ष की बात करें तो विभिन्न कोर्सिस के लिए आवेदन आना शुरू हो गए हैं, लेकिन मुर्गी पालन की ट्रेनिंग में युवाओं का रुझान नजर नहीं आ रहा हैं।
निदेशक पीएनबी आरसेटी धर्मशाला गरिमा ने बताया कि पीएनबी आरसेटी में इस वर्ष कस्टम ज्वेलरी उद्यम का नया कोर्स शामिल होने के साथ ही कोर्सिस की संख्या 17 हो गई हैं। ज्यादातर महिलाएं ही विभिन्न कोर्सिस के लिए आगे आती हैं, जबकि पुरुष एक फीसदी ही इसमें रुचि दिखाते हैं। छोटे कोर्सिस इनफील्ड की करवाए जाते हैं। पिछले वर्ष 60 युवाओं को कृषि मित्र की भी ट्रेनिंग दी गई हैं।
पेपर कवर, लिफाफे, फाइल बनाने में ज्यादा रुझान
इन ट्रेनिंग प्रोग्राम में ज्यादातर रुझान पेपर कवर, लिफाफा और फाइल बनाने, बांस व बैत शिल्प को लेकर हैं पिछले वर्ष कृषि मित्र का भी एक बैच बिठाया गया था, जिसके माध्यम से 60 कृषि मित्र तैयार किए गए हैं।
ट्रेनिंग के दो माह बाद फॉलोअप
पीएनबी आरसेटी के माध्यम से ट्रेनिंग लेने वाले लोगों का दो माह बाद फॉलोअप भी लिया जाता है कि ट्रेनिंग के बाद काम भी हो रहा है या नहीं। यदि काम करते हुए नहीं पाए जाते हैं तो उन्हें प्रोत्साहित किया जाता हैं और आर्थिक तौर पर मदद के लिए बैंक से लोनिंग भी करवाई जाती हैं।
इन फील्ड में करवाए जाते हैं छोटे कोर्सिस
जिला में 10 से 13 दिन के कोर्सिस में इन फील्ड करवाया जाता हैं। जो महिलाएं धर्मशाला नहीं आ सकती, उनके लिए संबंधित ब्लॉक में संचालित करवाया जाता है। पिछले वर्ष पंचरुखी ब्लॉक में ज्यादा ट्रेंनिग प्रोग्राम चलाए गए हैं।
निदेशक पीएनबी आरसेटी धर्मशाला गरिमा ने बताया कि पीएनबी आरसेटी में इस वर्ष कस्टम ज्वेलरी उद्यम का नया कोर्स शामिल होने के साथ ही कोर्सिस की संख्या 17 हो गई हैं। ज्यादातर महिलाएं ही विभिन्न कोर्सिस के लिए आगे आती हैं, जबकि पुरुष एक फीसदी ही इसमें रुचि दिखाते हैं। छोटे कोर्सिस इनफील्ड की करवाए जाते हैं। पिछले वर्ष 60 युवाओं को कृषि मित्र की भी ट्रेनिंग दी गई हैं।
