मंडी:धर्मवीर(TSN)-भरी बरसात मे ही सही आखिरकार पंडोह डैम के पास पानी का रिवास रोकने के लिए एनएचएआई समय रहे नींद से जाग गया है।जिसके बाद एनएचएआई ने रिसाव के खतरे को भांपते हुए आज ही कल्वर्ट डालने के कार्य को शुरू कर दिया है
रिसाव होने से 40 करोड़ की लागत से लगाए गए डंगे व रोपवे पर मंडरा रहे थे खतरे के बादल
बतां दे कि पंडोह डैम के पास 40 करोड़ की लागत से लगाए गए डंगे के आस पास लगातार पानी रिसाव हो रहा है। कुछ दिन पूर्व ही यहां पर सड़क व डंगे के पास दरारे आना शुरू हो गई थी, जिसे आनन-फानन में बद भी कर दिया गया था। लेकिन ही से पानी का निकास न होने के कारण डंगे व सड़क गिरने का खतर बढ़ गया था। पिछली बरसात में यहां सड़क पूरी तरहर से धंसकर ब्यास नदी में समा गई थी। जिसके कारण लगभग 7 महीनों तक हाईवे यहां से बंद रहा था। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर वरुण चारी ने बताया कि कल्वर्ट डालने के लिए यहां पर हाईवे की खुदाई का कार्य किया जा रहा है और इसके लिए प्रशासन व पुलिस से दो दिन का समय मांगा गया है। पुलिस की तरफ से मौके पर कर्मी तैनात किए गए हैं ताकि एकतरफा ट्रैफिक को सुचारू बनाए रखने में मदद मिल सके। दो दिनों में इस कार्य को पूरा कर लिया जाएगा। पानी के रिसाव की वजह से यहां हाईवे के साथ-साथ रोप-वे के लिए बनाए गए स्टेशन पर भी खतरा मंडराने लग गया था। प्रारंभिक जांच में यही पाया गया है कि यह रिसाव रोप-वे के लिए बने स्टेशन के नीचे से ही हो रहा है। वहां से पानी बहकर हाईवे के नीचे से रिसाव के रूप में बाहर आ रहा है। ऐसे में समय रहते इस दिशा में प्रभावी कदम उठा लिए गए हैं। जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान कर दिया जाएगा।
40 करोड़ से बनकर तैयार हुआ है कैंची मोड़ः
बतां दे कि कुछ माह पूर्व ही करीब 40 करोड़ की लागत से यहां डंगा लगाया गया है। अब ऐसी स्थिति में पानी के रिसाव से एनएचएआई की नींद उड़ गई थी।वहीं,बग्लामुखी मंदिर के लिए बनाए जा रहे रोप-वे के स्टेशन पर भी इस कारण खतरा मंडरा मंडरा रहा था।जिसके बाद अब इन्हें सुरक्षित बनाने की कवायद शुरू हो गई है।
