बिलासपुर: प्रदेश में बरसात के मौसम में हो रही भारी तबाही से लोगों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है ऐसे में इस बरसात के मौसम में सरकार के आपदा प्रबंधन पर सवाल कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष, पूर्व मंत्री व विधायक श्री नयना देव राम लाल ठाकुर ने उठाए है। उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा है कि प्रदेश सरकार आपदा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दे। प्रदेश में बरसात का मौसम चल रहा है और नुकसान व तबाही हो रही है लेकिन राहत राशि और राहत कार्यों में सरकार और प्रशासन की मशीनरी हांफती हुई नज़र आ रही है।
गुरुवार को ग्राम पंचायत कोठीपुरा के गांव न्यायी सारली के दौरे पर गए विधायक रामलाल ठाकुर ने कहा कि पिछ्ली रात को बारिश की वजह से ग्राम पंचायत सिकरोहा के गांव गलोड़ की एक महिला सीता देवी आयु करीब 42 वर्ष, पत्नी बलदेव राज जिसकी पत्नी मकान धंसने अकस्मात मृत्यु हो गई। यह महिला आर्थिक मंदहाली में, अनुसूचित जाति और आई. आर. डी. पी. परिवार से सबंध रखती है, जिला अस्पताल बिलासपुर में उन्होंने खुद उक्त महिला का पोस्टमार्टम करवा कर उपायुक्त बिलासपुर से 40 हज़ार की राहत तुंरत दिलवा दी थी, लेकिन उक्त परिवार को सरकार से आपदा राहत से मिलने वाली राशि की और बहुत आवश्यकता है।
राम लाल ठाकुर से गांव न्याय सारली में ग्राम पंचायत राजपुरा के लोग भी मिले। उन्होंने बताया कि एम्स बिलासपुर की कंस्ट्रक्शन के कारण “कोल नाला” में पानी आने से वहां पर स्थित मुस्लिम आबादी की जमीनें बह गई है लेकिन न तो आपदा प्रबंधन की तरफ से और न ही एम्स प्रशासन की तरह कोई भी राहत राशि नहीं दी गई है। एम्स बिलासपुर की कंस्ट्रक्शन की वजह से पानी की प्राकृतिक निकासी से नाले और खड़ें बहुत प्रभावित हुई है, इसी तरह की घटना गत वर्ष भी घटी थी तब एम्स प्रशासन ने “पिक एंड चूज” नीति के अनुसार कुछ लोंगो को डेमेज दिया था लेकिन प्रदेश आपदा प्रबंधन की तरफ से कोई विशेष व्यवस्था वहां के लोंगो के लिए नहीं कि थी। उन्होंने सरकार और प्रशासन को सचेत करते हुए कहा है कि यदि एक सप्ताह के भीतर कोई कदम नहीं उठाया गया तो वह आंदोलन का रुख अपनाएंगे। वहां के स्थानीय लोगों की शिकायत पर उन्होंने हल्का पटवारी की मौका रिपोर्ट न बनाने की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए है और जिला उपायुक्त से कहा है कि उक्त पटवारी की कार्यप्रणाली को देखें और जल्द से जल्द मौक़े की डेमेज रिपोर्ट तैयार की जाए।
