संजु चौधरी, शिमला: 17 माह पहले जहां आईजीएमसी
अस्पताल में ऑलमाइटी ब्लेसिंग संस्था के लंगर को लेकर विवाद हुआ था और लंगर की बिजली पानी का कनैक्शन ही काट दिया था। वहीं अब डी.डी.यू. अस्पताल में चल रहे नोफल संस्था के लंगर को बंद करने का नोटिस आया हैं। डी.डी.यू. के चिकित्सा अधीक्षक की तरफ से यह नोटिस जारी किया गया हैं। जारी नोटिस में 31 दिसंबर तक डीडीयू अस्पताल में जिस जगह लंगर चल रहा है उस जगह को खाली करने के आदेश जारी किए गए हैं।
नोटिस में यह भी साफ बात लिखी गई है कि डी.डी.यू. में जगह का काफी अभाव है। यहां पर सी.एम.ओ. ऑफिस के लिए भी जगह नहीं है। ऐसे में नोफेल को लंगर की जगह खाली करनी पड़ेगी। अब देखना यह है कि नोफेल संस्था क्या लंगर को बंद करती है या फिर यहां पर भी आई.जी.एम.सी. जैसा ही बवाल होगा, हालांकि अभी नोफल संस्था ने लंगर बंद नहीं किया हैं। यहां पर विवाद इतना जरूर हुआ है कि नोफल के अध्यक्ष ने कहा हैं कि उन्हें लंगर को चलाने के लिए 5 साल दिए गए थे, लेकिन चिकित्सक अधीक्षक कहते है कि प्रशासन की तरफ से सिर्फ 6 महीने की एक्सटेंशन दी गई थी। अब ऐसे में इस अस्पताल में भी लंगर पर आई.जी.एम.सी. जैसे बवाल उत्पन्न होने की अशंका है।
बरहाल आई.जी.एम.सी. में अब ऑलमाइटी ब्लेसिंग संस्था को बिजली व पानी तक का कनैक्शन मिल चुका है। नोफल संस्था का आई.जी.एम.सी. में भी लंगर चल रहा है। वहीं दिन दयाल उपाध्याय अस्पताल के एमएस लोकिंद्र शर्मा ने बताया कि
नोफेल संस्था को हमने लंगर खाली करने को लेकर नोटिस दिया हैं। हमने पहले 6 माह के लिए नोफल वालों को एक्सटैंशन दी थी। अब डी.डी.यू. में जगह की भी काफी कमी खल रही है। यहां पर सी.एम.ओ. ऑफिस के लिए भी जगह नहीं है। वहीं सरकार की तरफ से भी ऐसे कोई ऑडर नहीं आए है की इन्हें हम ओर एक्सटेंशन दें। ऐसे में लंगर की जगह खाली करने को लेकर संस्था को नोटिस जारी किया गया हैं।
नोफेल संस्था के अध्यक्ष गुरमीत ने बताया कि मुझे अभी डी.डी.यू. प्रशासन की तरफ से कोई नोटिस नहीं आया है। मैंने सोशल मीडिया पर ही नोटिस देखा हैं। अगर मुझे नोटिस आता है तो मैं जगह खाली कर दूंगा। वैसे प्रशासन व पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने मुझे लंगर चलाने को 5 साल के लिए दिया था, जैसे ही मुझे नोटिस आता है तो उसके बाद में आर.टी.आई. भी लगाऊंगा। अगर 6 महीने के लिए मुझे लंगर चलाना हैं तो मैं इसे खाली कर दूंगा।
