विकास शर्मा,चिंतपूर्णी (TSN): प्रसिद्ध शक्तिपीठ चिंतपूर्णी मंदिर में माता रानी को लगाए जाने वाला दिन में तीन समय का भोग अब ढोल-नगाड़े और शहनाई बजाकर गर्भ गृह तक ले जाया जाएगा। इस भोग को मंदिर के गर्भ गृह विशेषकर पंडित और मंदिर के पुजारी सनातन तरीके से इस भोग को लेकर आएंगे। चिंतपूर्णी मंदिर में भोग लाने की ये नई व्यवस्था शुरू कर दी गई है और पुजारी वर्ग के साथ मंदिर प्रशासन ने मिलकर ये फैसला लिया हैं।
फ़ैसला लिया गया हैं कि जहां माता रानी का भोग बनता है उस कमरे से माता रानी की पिंडी तक माता रानी का भोग को लाने का तरीका ऐसा होना चाहिए जिसमें हमारा सनातन धर्म की सभ्यता की झलक भी नजर आए। यही वजह हैं कि अब माता रानी का भोग रोजाना ऐसे ही लगा करेगा।
पुजारी बारीदार सभा के प्रधान रविंदर छिंदा ने बताया कि चिंतपूर्णी मंदिर में माता रानी का भोग दिन में सुबह ,दोपहर और शाम के समय लगाया जाता हैं। अब पुजारी बारीदार और मंदिर प्रशासन ने निर्णय लिया है कि माता रानी का भोग लगाने के लिए जब भोग लाया जाएगा तो मंदिर के पुजारी और पंडित ढोल नगाड़े और शहनाई के साथ इस भोग को गर्भ गृह तक लेकर आएंगे। उन्होंने बताया की बाकी के मंदिरों में भी भोग लगाने की ऐसी ही व्यवस्था हैं।
