विकास शर्मा, चिंतपूर्णी: हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला के चिंतपूर्णी में स्थित विश्व विख्यात शक्तिपीठ मां चिंतपूर्णी के दरबार में भक्तों की ओर से माता रानी को चढ़ाए जाने वाले चढ़ावे की गिनती अब जमीन पर बैठकर नहीं होगी। इसके लिए खास प्रबंध अब मंदिर के गणना कक्ष में किया गया हैं। गणना कक्ष में अब सोफे ओर ट्रांसपेरेंट टेबल लगाया हैं जिस पर अब से चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। पहले जहां चढ़ावे की गितनी मुलाजिम ज़मीन पर बैठकर करते थे। घंटों का समय यहां मुलाजिमों को चढ़ावे कोविंद ने में लगता था जिसकी वजह से उन्हें दिक्कत आ गई थी लेकिन अब मुलाजिम टेबल पर कैश रखकर और सोफे पर बैठ कर चढ़ावे की गिनती कर सकेंगे।
चिंतपूर्णी मंदिर में इस व्यवस्था को बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध मंदिर को कॉपी करते हुए किया गया हैं। चिंतपूर्णी मंदिर के गणना कक्ष में लगाया गया ट्रांसपेरेंट टेबल लगभग डेढ़ लाख रुपए का हैं जिसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया चिंतपूर्णी की ओर व3 स्पॉन्सर किया गया हैं, जबकि 16 व्यक्तियों को बैठने के लिए सीटिंग सोफा टाइप चेयर पंजाब नेशनल बैंक भरवांई के सौजन्य से दी गई हैं। टेबल और चेयर लगने से काउंटिंग में बैठने वाले मुलाजिमों को काफी सुविधा होगी।
चिंतपूर्णी मंदिर से एक प्रतिनिधिमंडल वित्त एवं लेखाधिकारी की अगुवाई में इस व्यवस्था को देखने के लिए वहां पर गया था जिसके बाद अब चिंतपूर्णी मंदिर में काउंटिंग करने वाले मुलाजिमों के लिए बैठने की व्यवस्था में सुधार किया गया हैं। मंदिर अधिकारी बलवंत सिंह पटियाल ने बताया कि मंगलवार को चिंतपूर्णी मंदिर की गणना कक्ष में टेबल और सोफा सेट लगा दिया गया हैं। टेबल को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया चिंतपूर्णी की ओर से यो सोफा सेट को पंजाब नेशनल बैंक की बोर से मंदिर को भेंट किया गया हैं।
बता दें कि प्रसिद्ध शक्तिपीठ चिंतपूर्णी मां के दरबार में श्रद्धालुओं का तांता प्रतिदिन उमड़ा रहता है श्रद्धालु यहां काफी ज्यादा चढ़ावा भी माता को अर्पित करते हैं। करोड़ों में यहां चढ़ावा माता रानी के दरबार में चढ़ाया जाता है इसके अलावा सोने चांदी के आभूषण अभी पंजाब के श्रद्धालु यहां माता रानी को चढ़ाते रहते हैं।
