शिमला,संजु चौधरी(TSN)-शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन विपक्ष द्वारा प्रश्नकाल शुरू होने से पहले ही भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने नियम 67 के तहत चर्चा माँगी गई.विधायक रणधीर शर्मा द्वारा नियम 67 के तहत काम रोको प्रस्ताव लगाया गया,जिस पर मुख्यमंत्री ने चर्चा स्वीकार की और विधानसभा अध्यक्ष ने अनुमति दी.जिसमें सरकार के दो साल के कार्यकाल और भ्रष्टाचार के बारे में चर्चा शुरू हुई ।
चर्चा में विधायक रणधीर शर्मा में कहा की दो साल के जश्न के दौरान सरकार ने आपनी उपलब्धियां बताने की बजाय विपक्ष पर निशाना साधा.उन्होंने सरकार के दो साल के कार्यकाल के दौरान कई सारे भ्रष्टाचार के मामले होने के आरोप लगाए गए.उन्होंने कहा की सरकार ने अपने लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए ऐक्साई पॉलिसी में संशोधन की आड़ में भ्रष्टाचार किया ।
वहीं इस चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष कि ना होने पर आपत्ति जताई.उन्होंने कहा की यह विपक्ष की गंभीरता को दर्शाता है.जिस पर विधायक बिक्रम ठाकुर ने कहा की यह चर्चा सरकार का लिए है ना की विपक्ष के लिए ।
नेता प्रतिपक्ष का आरोप सरकार सवाल का नहीं देती जवाब
वही नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार के 2 साल के कार्यकाल को लेकर कई गंभीर आरोप विपक्ष द्वारा लगाए गए हैं.इसको लेकर आज सदन में काम रोको प्रस्ताव लाकर चर्चा की मांग की गई थी.जिस पर चर्चा हो रही है, लेकिन सरकार किसी भी सवाल का जवाब देने की स्थिति में नहीं है.विपक्ष द्वारा इसको लेकर राज्यपाल को भी ज्ञापन सौंप थे।और इन आरोपों की जांच की मांग की गई थी.सरकार को चाहिए कि जो आरोप लगाए गए हैं उसकी जांच की जाए
शरीर से सदन में उपस्थित हैं विपक्ष के नेता लेकिन आत्म से बाहर…उप-मुख्यमंत्री
विपक्ष के विधायकों की ओर से नियम 67 के तहत लाए गए स्थगन प्रस्ताव को लेकर उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भाजपा पर निशाना साधा.मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि शरीर से सदन में उपस्थित हैं विपक्ष के नेता लेकिन आत्म से बाहर है.डिप्टी सीएम ने कहा कि पहले रैली में विपक्ष के विधायक चले जाएं.उन्होंने कहा कि अब तक की चर्चा में विपक्ष के विधायकों की ओर कोई संतोषजनक तथ्य नहीं दिया गया.मुकेश अग्निहोत्री ने विपक्ष को कहा कि जो आरोप लगाए जाएं उनके तथ्य भी सदन में रखे.बीना तथ्यों के आरोप लगाना ठीक नहीं है .
