सोलन/योगेश शर्मा: टैक्सियों में पैनिक बटन लगाने का कार्य 2019 से चल रहा है। यह बटन इस लिए लगाया गया था ताकि अगर कोई महिला टैक्सी में अपने आप को असुरक्षित मानती है तो वह इस बटन को दबा कर पुलिस से सहायता मांग सकती है। गौरतलब है कि यह बटन दो वर्षों बाद एक्टिवेट किए जा रहे है। लेकिन इस डिवाइस के लिए टैक्सी चालकों से करीबन 18 हज़ार रूपये वसूले गए और यह डिवाइस लगाने पर ही उनका रजिस्ट्रेशन किया जाता था। यानी अगर कोई इसे नहीं लगाएगा तो वह अपनी टैक्सी नहीं चला सकता था।
सभी चालकों को मजबूरी में यह लगाना पड़ा। लेकिन अब यह डिवाइस केवल शो पीस बन कर रह गए है। क्योंकि इन पर अब रीचार्ज नहीं हो रहा है। जिसकी वजह से सभी चालक बेहद रोष में हैं। रोष जताते हुए टैक्सी चालक के प्रधान कमल कुमार ने बताया कि पहले विभाग ने उनसे 18 हज़ार रूपये का पैनिक बटन लगवाया , जो दो वर्षों बाद एक्टिवेट हुआ। अब जिस कम्पनी ने यह लगवाया था वह कम्पनी भाग चुकी है।
अब विभाग उन पर किसी दूसरी कम्पनी से खरीदने का दवाब बना रहा है और उन्हें चेतावनी दी है कि अगर यह नहीं लगवाया तो वह टैक्सी नहीं चला पाएंगे। यह डिवाइस 10 हज़ार रूपये का बताया जा रहा है। अब पहला डिवाइस निकाल कर दूसरा लगाने पर वह मजबूर है। लेकिन अगर यह कम्पनी भी भाग जाती है तो उस सूरत में क्या होगा। उन्होंने कहा कि विभाग केवल उन्हें मुर्ख बना कर मनमानी कर रहा है जो बेहद गलत है। उन्होंने कहा कि चालक की सुरक्षा के बारे में कोई भी नहीं सोच रहा है जो बेहद खेद का विषय है।
