अनिल कुमार, किन्नौर: चीन सीमांत नमज्ञा गांव में लोग इन दिनों तीरंदाजी का खेल खेल रहे हैं। यह खेल गांव से बुरी शक्तियों को बाहर निकालने के लिए यहां के ग्रामीणों की ओर से खेला जा रहा हैं। बुधवार को नमज्ञा गांव में ऐतिहासिक तीरंदाजी मुकाबले का प्रारंभ हुआ हैं। यह तिरअंदाज़ी खेल नमज्ञा गांव में सदियों से चला आ रहा हैं जिसमें नमज्ञा गांव के ग्रामीण भाग लेते है और इस तीरंदाज़ी खेल का आयोजन करीब 3 से 4 दिनों तक चलता हैं।
मान्यताओं अनुसार यह तिरंदाजी क़ा खेल गांव में प्रवेश कर चुकी बूरी शक्तियों को गांव से बाहर निकालने के मकसद से खेला जाता है और गांव के हर घर से एक परिवार इस खेल मे भाग लेते हैं। नमज्ञा गांव मे तीरंदाज़ी खेल में बर्फ के बीच एक बर्फ के साथ मिट्टी व लकड़ी के टुकड़े को खड़ा किया जाता हैं जिसपर निशाना साधा जाता हैं। जिस भी व्यक्ति या तीरंदाज़ी दल के व्यक्ति का निशाना सही निशाने पर लग जाता है उसे विजेता माना जाता हैं।
इस तीरंदाज़ी खेल के समय स्थानीय देवी देवताओं की पूजा भी की जाती है और तीरंदाज़ी खेल समाप्ति के बाद सभी ग्रामीण ईश्वर से गांव की सुख समृद्धि व गांव मे वर्षभर सभी लोगों के खेतों ने अच्छी फ़सल होने की कामना भी करते हैं।
