मंडी,धर्मवीर(TSN)-मंडी शहर के जेलरोड़ स्थित मस्जिद को तोड़ने की मांग को लेकर शुक्रवार को बहुत से हिंदू संगठनों के लोग सड़कों पर उतरे और विरोध प्रदर्शन करके जहां जमकर नारेबाजी की.वहीं नगर निगम,जिला प्रशासन और सरकार के खिलाफ भी अपना गुब्बार निकाला।
डीसी के आश्वासन के बाद माने प्रदर्शनकारी
करीब साढ़े 11 बजे प्रदर्शनकारी सेरी मंच के पास एकत्रित हुए और उसके बाद पूरे शहर में एक जलूस निकालते हुए जमकर नारेबाजी करते हुए सुकोड़ी चौक के पास पहुंचे।यहां पुलिस की तरफ से पहले से ही बेरिकेडिंग की हुई थी और भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात था।कुछ प्रदर्शनकारियों ने बेरिकेड्स पर चढ़कर उसे लांघने की कोशिश की तो वज्र वाहन के माध्यम से उनपर पानी की बौछारें की गई. प्रदर्शनकारियों ने जब आगे बढ़ने की कोशिश की तो इस दौरान उनकी पुलिस कर्मियों के साथ हल्की धक्का-मुक्की भी हुई।पुलिस ने किसी भी प्रदर्शनकारी को बेरिकेड्स नहीं लांघने दिए।जैसे ही कोई बेरिकेड्स पर चढ़ने की कोशिश करता तो उसपर पानी की बौछारें डाल दी जाती थी।करीब डेढ़ घंटे तक यह सारा हंगामा बरपा रहा। बाद में डीसी मंडी अपूर्व देवगन और एसपी मंडी साक्षी वर्मा प्रदर्शनकारियों के बीच में गए और उनके कुछ लोगों के साथ वार्ता की, जिसके बाद यह प्रदर्शन धीरे-धीरे समाप्त हो गया।
प्रशासन नियमों और कानूनों के तहत कर रहा कार्रवाई
डीसी मंडी ने मीडिया को दिए बयान में बताया कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों से लिखित में अपनी बातें रखने की अपील की है जिसपर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने बताया कि मस्जिद के अवैध निर्माण को लेकर पहले से ही कार्रवाई की जा रही है।जो अवैध निर्माण है उसे खुद मस्जिद कमेटी की तरफ से तोड़ा जा रहा है।भविष्य में भी नियमों और कानूनी प्रावधानों के तहत जो कार्रवाई बनती होगी उसे किया जाएगा।डीसी मंडी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने बाहरी राज्यों से यहां आकर कारोबार कर रहे लोगों की जांच करने की मांग भी रखी है जोकि पहले से ही की जा रही है।उन्होंने बताया कि ऐसे सभी लोगों की पुलिस वेरिफिकेशन करती है। भविष्य में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अगर कोई व्यक्ति बीना वेरिफिकेशन के रह रहा है तो फिर उसकी पूरी जांच पड़ताल की जाएगी और जो भी कार्रवाई बनेगी उसे किया जाएगा। उन्होंने सभी से आपसी सौहार्द और भाईचारा कायम रखने की अपील भी की।
प्रशासन को दिया 30 दिनों का अल्टीमेटम
वहीं,प्रदर्शनकारी प्रशासन के आश्वासन से संतुष्ट नजर नहीं आए। प्रदर्शनकारी इस मांग पर अड़े थे कि मस्जिद को तुरंत प्रभाव से गिराया जाए।प्रदर्शनकारी गुलशन, सरीता हांडा और प्रशांत शर्मा ने कहा कि प्रशासन ने भीड़ छंटाने और प्रदर्शन को रोकने के लिए जो आश्वासन दिया है वे उससे संतुष्ट नहीं है। जब तक मस्जिद को गिराया नहीं जाता तब तक वे शांत बैठने वाले नहीं है। जितने बल का प्रयोग आज प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए किया यदि इतना ध्यान मस्जिद के अवैध निर्माण पर कार्रवाई को लेकर दिया होता तो आज यह लोग सड़कों पर उतरने को मजबूर नहीं होते। इन्होंने प्रशासन को चेताया है कि अगर 30 दिनों के भीतर मस्जिद को नहीं गिराया जाता तो फिर इससे भी बड़ा और उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेवारी खुद जिला प्रशासन की होगी।
बता दें कि इस पूरे प्रदर्शन में किसी भी तरह की कोई अप्रिय घटना नहीं घटी है।पुलिस की तरफ से वॉटर कैनन के सिवाय और किसी भी तरह के बल का प्रयोग नहीं किया गया है।अधिकतर प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा लेकिन कुछ प्रदर्शनकारियों ने बेरिकेड्स लांघने का प्रयास किया जिसके चलते वॉटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। वहीं,दूसरी तरफ प्रशासन और पुलिस की तरफ से मस्जिद की तरफ जाने वाली सड़क पर सभी प्रकार की आवाजाही को पूरी तरह से बंद कर दिया था। मस्जिद के पास भी पुलिस बल तैनात किया गया था और शहर में प्रवेश के सभी द्वारों पर पुलिस का पहरा बैठाया गया था।
