संजीव महाजन,नूरपुर(TSN) : नूरपुर ब्लॉक के राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय सुलयाली में दो दिन पहले गांवों वासियों की ओर से चिकित्सालय प्रांगण में सुविधाओं के अभाव को लेकर जो धरना-प्रदर्शन व नारेबाजी की गई थी। गांव वासियों की ओर से 15 दिनों का प्रशासन व सरकार को मांगों को लेकर अल्टीमेटम देने के साथ ही बड़े धरने की चेतावनी दी गई थी। इसी का संज्ञान लेते हुए आयुष विभाग से डिप्टी डायरेक्टर आयुष कांगड़ा- धर्मशाला डॉ.राजेश नरियाल ,सब डिविजनल आयुष अधिकारी तनुजा नागपाल बुधवार को चिकित्सालय पहुंचे।
उन्होंने यहां पंचायत प्रतिनिधियों,गांव के वरिष्ठ नागरिकों व गांवों वासियों के साथ समस्या को लेकर चर्चा की और चिकित्सालय में सुविधाओं को लेकर जो समस्या चल रही थी उन समास्याओं का मौके पर समाधान किया। समस्या का समाधान होने पर गांवों वासियों ने आगामी धरना प्रदर्शन की जो चेतावनी दी उसे स्थगित करने ऐलान कर दिया ।
डिप्टी डायरेक्टर आयुष कांगड़ा डॉ.राजेश नरियाल ने कहा कि मीडिया और न्यूज पेपर में जो न्यूज चली थी उसका संज्ञान लेते हुए सब डिविजनल आयुर्वेद अधिकारी तनुजा नागपाल और उन्होंने संज्ञान लिया।हमने सुना था कि गांववासियों की ओर से 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया हैं और नारेबाजी भी अस्पताल में हुई थी। हम यही सब जानने आए हैं कि क्या हुआ था ।
आज यहां ग्रामीणों से वरिष्ठ नागरिकों के साथ स्थानीय निवासियों के साथ ओर स्टाफ के साथ विस्तृत चर्चा की गई हैं। इसमें कुछ एक चीजें निकल कर आई है कि कुछ मुद्दों पर असहमति गांव के स्थानीय नागरिकों ने जताई हैं। इनका अपना मानना है कि यहां पर 24 घंटे डाक्टर मिलना चाहिए। इमरजेंसी में रात को किसी ना किसी डॉक्टर की ड्यूटी होनी चाहिए। उसके लिए मैंने यहां अस्पताल इंचार्ज डॉ. सी. पी अरुण के साथ बातचीत में यह तह कर दिया है कि यहां 24 घंटे सर्विस मिलेगी। रात को एक डाक्टर अस्पताल में रहेगा और बाकी स्टाफ़ तो यहां रहता ही हैं। मेडिसिन, इमरजेंसी मेडिसिन का 24 घंटों प्रबंध करने को कहा गया है जो ग्रामीणों की बड़ी समास्या है उसका हल हो गया हैं।
पंचायत प्रधान सुनील कुमार लब्लू ने कहा कि हमने यहां मांग उठाई थी कि अस्पताल में नौ से चार बजे तक ओपीडी चलती थी। गांववासियों की ओर से अस्पताल में 24 घंटे डॉक्टर की तैनाती की मांग की जा रही हैं। आज इस विषय को लेकर डिप्टी डायरेक्टर आयुष कांगड़ा के साथ विस्तृत चर्चा हुई है चर्चा के दौरान हमारी लगभग सारी समास्याएं हल कर दी गई हैं। इसके लिए हम सब गांववासी डिप्टी डायरेक्टर आयुष और सब-डिवीजन आयुर्वेदिक अधिकारी का धन्यवाद करते हैं इससे हमारा अस्पताल अब सुचारु ढंग से चलेगा।
पंचायत उपप्रधान नरेश शर्मा ने कहा कि यह गांव की बात नहीं है यह सारे क्षेत्र की समास्या हैं। लगभग तीस हजार लोगों इस अस्पताल से जुड़े हुए हैं । यहां धरना प्रदर्शन भी इसी वजह से हुआ था कि कोई मरीज रात को अस्पताल आय्या तो यहां डाक्टर नहीं था, इसलिए आज यहां डिप्टी डायरेक्टर आयुष कांगड़ा व सब डिविजनल आयुर्वेदिक अधिकारी यहां आए हैं। उन्होंने देखा और समझा कि यह यहां की बड़ी समास्या है तो उन्होंने इस समास्या का हल निकाल दिया है इसलिए हम और सब गांववासी इन अधिकारियों का धन्यवाद करते हैं और अब कोई भी यहां सुविधा से वंचित नहीं रहेगा ।
