शिमला : कमल भारद्वाज – राजधानी शिमला में बरसात में पानी का संकट खड़ा हो गया है, पिछले 3 दिनों से हुई भारी बारिश के चलते पेयजल परियोजनाओं में भारी गाद आ गई है । यही नहीं चाबा पेयजल परियोजना का पम्प हाउस पानी में डूब गया है, जिसके चलते यहां पर पंपिंग ठप हो गई है। इसके अलावा गिरी और गुम्मा पेयजल परियोजना में भारी गाद आ गई है।
टैंकरों से की जा रही पानी की सप्लाई
मंगलवार को शिमला में सभी परियोजनाओं से केवल 6 एमएलडी पानी ही पहुंच पाया है । शहर में प्रतिदिन 40 एमएलडी के करीब पानी की जरूरत रहती है सोमवार को भी शिमला से किसी भी पेयजल परियोजना से पानी शिमला शहर नहीं पहुंच पाया । जिसके चलते शिमला शहर में पानी का भारी संकट खड़ा हो गया है, लोगों के घरों में पीने तक का पानी नहीं है। शहर में पानी के लिए हा हा कार मचा है हालांकि जल निगम द्वारा पानी के टैंकरों द्वारा पानी की सप्लाई की जा रही है ।
नगर निगम के महापौर ने खुद संभाला मोर्चा
मंगलवार सुबह ही छोटा शिमला में नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान ने खुद मोर्चा संभाला और टैंकर पानी के टैंकर से लोगों को पानी मुहैया करवाया गया। इस दौरान सुरेंद्र चौहान खुद बाल्टिया लेकर लोगों के घरों तक पानी पहुंचाते हुए नजर आए। एक बुजुर्ग महिला पानी भरने के लिए टैंकर के पास आई तो सुरेंद्र चौहान ने उनकी बाल्टियां को उठा कर उनके घर तक पहुंच दिया। नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि बीते तीन-चार दिनों से शिमला में भारी बारिश हो रही है जिसके चलते पेयजल परियोजनाओं में भारी गाद आ गई है। और पंपिंग ठप्प हो गई है जिससे शिमला शहर में पानी की सप्लाई नहीं हो रही है । हालांकि लोगों को पानी के टैंकरों के माध्यम से जरूरत के हिसाब से पानी मुहैया करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मौसम के साथ होते ही पानी की समस्या दूर हो जाएगी।
