20 से 22 नई सड़कों की डीपीआर मंजूरी के लिए भेजी, ग्रामीणों और किसानों को मिलेगा लाभ
चंम्बा, मंजूर पठान -:डलहौजी विधानसभा क्षेत्र के सलूणी मंडल में ग्रामीण सड़क नेटवर्क को सुदृढ़ करने के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से निर्माण कार्यों को गति दी जा रही है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत मंडल में करीब छह सड़कों का निर्माण कार्य जारी है। इन परियोजनाओं पर लगभग 40 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। सड़कों का निर्माण पूरा होने से क्षेत्र के कई गांवों को बेहतर संपर्क सुविधा मिलने की उम्मीद है।
पहाड़ी भौगोलिक परिस्थितियों वाले सलूणी मंडल में सड़कें ग्रामीण जीवन का अहम हिस्सा हैं। यहां के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षण संस्थानों, बाजारों और सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने के लिए सड़क मार्ग पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुविधा का विस्तार होने से लोगों की रोजमर्रा की परेशानियां कम हो सकती हैं और आवागमन अधिक सुविधाजनक बन सकता है।निर्माणाधीन सड़कों के माध्यम से दूरदराज के गांवों को मुख्य मार्गों और बाजारों से जोड़ने में मदद मिलेगी। इससे ग्रामीणों को आने-जाने में लगने वाला समय कम होने के साथ वाहनों की आवाजाही भी आसान होने की संभावना है।
किसानों के लिए आसान होगी उपज की ढुलाई
सलूणी क्षेत्र में कृषि और सब्जी उत्पादन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां बड़ी संख्या में किसान खेतीबाड़ी और सब्जियों के उत्पादन से अपनी आजीविका चलाते हैं। हालांकि, दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और सड़क संपर्क की सीमाओं के कारण किसानों को कई बार अपनी उपज मंडियों और बाजारों तक पहुंचाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
सड़क संपर्क बेहतर होने से किसानों को अपनी तैयार फसल बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिल सकती है। इससे परिवहन में लगने वाला समय और खर्च कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही, उपज को समय पर बाजार पहुंचाने से किसानों को अपनी मेहनत का बेहतर लाभ मिलने की संभावना भी बढ़ेगी।ग्रामीण सड़कों का विस्तार स्थानीय व्यापार और कृषि गतिविधियों को भी प्रोत्साहित कर सकता है। इससे क्षेत्र के किसानों और छोटे कारोबारियों को अपनी आर्थिक गतिविधियां बढ़ाने के नए अवसर मिल सकते हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच होगी सुगम
ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुविधा का सीधा संबंध लोगों की बुनियादी जरूरतों से है। बेहतर संपर्क मार्ग होने से विद्यार्थियों को स्कूल और कॉलेज पहुंचने में सुविधा मिलती है। वहीं, मरीजों को अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों तक ले जाने में भी आसानी होती है।सलूणी मंडल में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों से ऐसे ग्रामीण इलाकों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जहां लोगों को आवागमन के लिए कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। सड़क नेटवर्क मजबूत होने से सरकारी सेवाओं तक पहुंच बेहतर बनाने में भी मदद मिल सकती है।इसके अतिरिक्त, बेहतर सड़क संपर्क से ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे व्यवसायों और स्थानीय उत्पादों के कारोबार को बढ़ावा मिलने की संभावना है। इससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को गति मिल सकती है।
20 से 22 अन्य सड़कों की डीपीआर तैयार
सलूणी मंडल में सड़क कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए विभाग भविष्य की योजनाओं पर भी काम कर रहा है। लोक निर्माण विभाग की ओर से करीब 20 से 22 अन्य सड़कों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर स्वीकृति के लिए भेजी गई है।इन प्रस्तावित सड़कों को मंजूरी मिलने के बाद क्षेत्र के अन्य ग्रामीण और दुर्गम इलाकों में सड़क सुविधा विकसित करने की दिशा में काम आगे बढ़ सकेगा। इससे उन गांवों को भी बेहतर संपर्क मार्ग उपलब्ध कराने की संभावनाएं बढ़ेंगी, जहां वर्तमान में सड़क सुविधा सीमित है।प्रस्तावित परियोजनाओं को स्वीकृति मिलने के बाद विभाग नियमानुसार आगामी प्रक्रिया शुरू कर सकेगा। इससे आने वाले समय में सलूणी मंडल के सड़क नेटवर्क का और विस्तार होने की उम्मीद है।
पर्यटन और रोजगार की संभावनाओं को मिलेगा बल
सलूणी मंडल प्राकृतिक सौंदर्य और पहाड़ी वातावरण के लिए जाना जाता है। क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में पर्यटन विकास की संभावनाएं भी मौजूद हैं। ऐसे में सड़क संपर्क बेहतर होने से पर्यटकों के लिए विभिन्न प्राकृतिक स्थलों तक पहुंचना आसान हो सकता है।पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि होने पर स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। होम-स्टे, टैक्सी सेवा, स्थानीय उत्पादों की बिक्री और अन्य पर्यटन संबंधी गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीणों की आय बढ़ाने की संभावनाएं विकसित हो सकती हैं।हालांकि, इन संभावनाओं को वास्तविक लाभ में बदलने के लिए बेहतर सड़क संपर्क के साथ अन्य आवश्यक सुविधाओं का विकास भी महत्वपूर्ण रहेगा।
अधिशासी अभियंता जोगिंदर कुमार ने दी जानकारी
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता जोगिंदर कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सलूणी मंडल में करीब छह सड़कों का निर्माण कार्य चल रहा है। इन परियोजनाओं पर लगभग 40 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि इन सड़कों के बनने से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि सलूणी क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग कृषि और सब्जी उत्पादन से जुड़े हैं। सड़क सुविधा बेहतर होने से किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में होने वाली परिवहन संबंधी परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है।
जोगिंदर कुमार के अनुसार, विभाग ने करीब 20 से 22 अन्य सड़कों की डीपीआर तैयार कर स्वीकृति के लिए भेजी है। इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलने के बाद नियमानुसार आगामी प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू करवाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।उन्होंने कहा कि विभाग का प्रयास ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध करवाना है, ताकि लोगों को आवागमन में सुविधा मिले और क्षेत्र के विकास को गति प्रदान की जा सके।
सड़क सुविधा से ग्रामीण विकास को मिलेगी मजबूती
सलूणी मंडल में जारी सड़क निर्माण कार्य ग्रामीण विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से बन रही छह सड़कों के पूरा होने पर क्षेत्र के अनेक गांवों को लाभ मिलने की उम्मीद है। वहीं, 20 से 22 अन्य सड़कों की डीपीआर स्वीकृति के लिए भेजे जाने से भविष्य में सड़क नेटवर्क के विस्तार की संभावनाएं भी बढ़ी हैं।बेहतर सड़क संपर्क से ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। किसानों के लिए कृषि उत्पादों का परिवहन आसान हो सकता है, जबकि स्थानीय कारोबार और पर्यटन गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।ऐसे में सलूणी मंडल में सड़क परियोजनाओं का विस्तार क्षेत्र को बेहतर संपर्क सुविधा उपलब्ध करवाने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

