शिमला | हिमाचल प्रदेश में लॉटरी शुरू करने के फैसले को लेकर सियासत तेज हो गई है। विपक्ष के तीखे हमलों के बीच राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने भाजपा पर जोरदार पलटवार किया है। उन्होंने साफ कहा कि लॉटरी शुरू करने की अनुमति केंद्र सरकार से ली गई है और भाजपा खुद लॉटरी संचालकों से इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए करोड़ों का चंदा ले चुकी है।
नेगी ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेता बिना तथ्यों के लोगों को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार केवल ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लॉटरी शुरू करने जा रही है, ऑफलाइन लॉटरी की कोई योजना नहीं है। केंद्र सरकार पहले ही कई कंपनियों को ऑनलाइन लॉटरी चलाने की मंजूरी दे चुकी है और कई राज्यों में यह पहले से ही संचालित हो रही है।
भाजपा पर बड़ा आरोप:
राजस्व मंत्री ने कहा कि भाजपा खुद लॉटरी संचालकों से चुनावी चंदा लेकर अब नैतिकता का पाठ पढ़ा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा को जब लॉटरी से पैसा लेना था, तब यह मुद्दा क्यों नहीं बना?
आर्थिक आपातकाल पर भी दी सफाई:
राज्य में ठेकेदारों के लंबित भुगतान को लेकर हाईकोर्ट की टिप्पणी पर नेगी ने कहा कि आर्थिक आपातकाल लगाने का अधिकार केंद्र का है, और हिमाचल की आर्थिक हालत उस स्तर की नहीं है। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार प्रदेश को 75,000 करोड़ रुपये के कर्ज में छोड़कर गई है, ऐसे में असली जिम्मेदारी उसी की बनती है।
चुनौती भाजपा को:
नेगी ने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि भाजपा केंद्र से हिमाचल को मिली मदद का श्वेत पत्र जारी करे, ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति के लिए पुरानी डबल इंजन सरकार जिम्मेदार है और भाजपा केवल सस्ती राजनीति कर रही है।
