Shimla, Sanju –विमल नेगी मौत मामले में प्रदेश सरकार की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रहीं। सोमवार को इस प्रकरण को लेकर भाजपा विधायक दल राज्यपाल से मिला और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। भाजपा ने इस ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नैतिक आधार पर इस्तीफे, CBI जांच के विस्तार और हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPPCL) में कथित भ्रष्टाचार की प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जांच की मांग की।
विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता और प्रशासनिक विफलता के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री ने बार-बार झूठ बोला कि नेगी परिवार ने सीबीआई जांच की मांग नहीं की, जबकि परिवार लगातार इसकी मांग करता रहा। मुख्यमंत्री द्वारा कोर्ट के आदेशों पर की गई टिप्पणी अदालत की अवमानना के दायरे में आती है।”
भाजपा की राज्यपाल से पांच प्रमुख मांगें:
- साक्ष्यों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए:
विमल नेगी प्रकरण से जुड़े सभी सबूतों को संरक्षित रखा जाए और उनके साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ या नष्ट करने की कोशिश पर रोक लगे। - DGP रिपोर्ट की जांच:
उच्च न्यायालय में जमा रिपोर्ट में छेड़छाड़ के जो साक्ष्य सामने आए हैं, उनके आधार पर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई हो। - शिमला एसपी द्वारा लगाए गए आरोपों की सीबीआई जांच:
उच्चाधिकारियों पर लगाए गए गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच केंद्रीय एजेंसी से करवाई जाए। - HPPCL में कथित भ्रष्टाचार की जांच ED से हो:
सीबीआई जांच का दायरा बढ़ाकर पावर कॉरपोरेशन में हो रहे कथित वित्तीय अनियमितताओं की गहराई से जांच की जाए या इसकी जांच ED को सौंपी जाए। - शिमला एसपी को हटाया जाए:
अफसरशाही में अनुशासन बहाल करने के लिए पुलिस अधीक्षक शिमला को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाए।
भाजपा ने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार की कार्यप्रणाली ने जनता का भरोसा तोड़ा है और मुख्यमंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ देना चाहिए।
