संजीव महाजन,नूरपुर: विश्व वैट लैड पौंग झील इस सीजन प्रवासी पक्षियों से गुलजार हो गई है। झील के आसपास प्रवासी पक्षियों ने अपना डेरा डाल दिया है, जिससे झील की खूबसूरती और ज्यादा बढ़ गई है और यहां प्रवासी पक्षियों को देखने के लिए भी पर्यटकों की भीड़ उमड़ रही है। प्रवासी पक्षियों में सैकड़ों प्रजातियां की संख्या में करीब 25 हजार से अधिक प्रवासी पक्षी पौंग झील में पहुंच चुके हैं। सुबह-सुबह यह पक्षी अपनी सुरीली आवाज से झील को गुलजार कर रहे हैं।
पौंग झील में ज्यों-ज्यों प्रवासी परिंदों की आमद बढ़ती जा रही है, वैसे-वैसे झील के साथ सटी पंचायतों के बाशिंदों में बर्ड फ्लू को लेकर दहशत पैदा हो रही है। प्रवासी पक्षियों की आमद से इन परिंदों में बर्ड फ्लू की संभावना को लेकर लोग डरे हुए हैं। वर्ष 2020 व 2021 की बात की जाए तो पौंग झील में पहुंचे परिंदों में बर्ड फ्लू काफी फैला था जिससे हजारों की तादाद में प्रवासी परिंदों की मौत हो गई थी। बर्ड फ्लू के कारण प्रवासी परिंदे उड़ भी नहीं पाते थे। हजारों की तादाद में मरने वाले प्रवासी परिंदों को दफनाना विभागीय टीम के लिए परेशानी का सबब बन गया था।
बर्ड फ्लू के कारण झील में मत्स्य आखेट को प्रतिबंध कर दिया गया था, जिससे मत्स्य आखेट कर परिवार का पालन-पोषण करने वाले करीबन 2300 मछुआरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। पौंग झील में मौजूदा समय में विभिन्न प्रजातियों के करीबन 25 हजार प्रवासी परिंदे पहुंच चुके हैं। पौंग झील में पहुंचे इन परिंदों के वन्य प्राणी विभाग की ओर से अभी तक सैंपल भी नहीं लिए गए हैं जोकि विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली को दर्शाता है। बुद्धिजीवियों ने वन्य प्राणी विभाग से मांग की है कि पौंग झील में पहुंच रहे प्रवासी परिंदों की सैंपलिंग की जाए ताकि बर्ड फ्लू का पता चल सके।
लैब से सैंपल की रिपोर्ट आई नेगेटिव: रेजीनोड रॉयस्टोनइस बारे
में वन्य प्राणी विभाग हमीरपुर के डीएफओ रेजीनोड रॉयस्टोन ने कहा कि वन्य प्राणी विभाग की टीमों की ओर से प्रवासी परिंदों के सैंपल लेकर लैब में भेजे गए थे जिनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
