Hamirpur, Arvind- जिला हमीरपुर में दुग्ध उत्पादन और विपणन को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रशासन ने दुग्ध सहकारी समितियों के गठन की प्रक्रिया को मिशन मोड में शुरू कर दिया है। एडीसी अभिषेक गर्ग ने पशुपालन विभाग, सहकारिता विभाग और मिल्क फेडरेशन के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अधिक से अधिक पशुपालकों को इस अभियान से जोड़ें, ताकि ढगवार (कांगड़ा) में स्थापित होने वाले आधुनिक मिल्क प्लांट के लिए मज़बूत सप्लाई चेन तैयार हो सके।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए एडीसी ने बताया कि प्रदेश सरकार इस योजना को प्राथमिकता में ले रही है और मुख्यमंत्री स्वयं इसकी प्रगति पर नज़र रख रहे हैं। पहले चरण में इसी माह हमीरपुर ज़िले में 34 दुग्ध सहकारी समितियों का गठन और पंजीकरण किया जाएगा।अभिषेक गर्ग ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों और स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी से यह कार्य और तेज़ी से पूरा हो सकता है। सभी बीडीओ को भी इस प्रक्रिया में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।उन्होंने बताया कि पशुपालन विभाग द्वारा विभिन्न पंचायतों में शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें मिल्क फेडरेशन और सहकारिता विभाग के अधिकारी मौके पर ही पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करेंगे। अब तक बनी 10 समितियों का पंजीकरण भी जल्द निपटाया जाएगा।
एडीसी ने कहा कि एक समिति के गठन के लिए केवल 11 सदस्यों की आवश्यकता होती है और पंचायत प्रतिनिधियों की मदद से पशुपालकों को आसानी से प्रेरित किया जा सकता है। प्रदेश सरकार अमूल और वेरका जैसी बड़ी कंपनियों से बेहतर दाम दे रही है, ऐसे में पशुपालकों को इस अवसर का लाभ उठाकर आर्थिक सशक्तिकरण की ओर बढ़ना चाहिए।
