शिमला : कमल भारद्वाज -विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस लगातार पूर्व भाजपा की सरकार को घेरती रहती थी । ऐसे में भाजपा भी कांग्रेस सरकार को घेरने में कोई कसर नही छोड़ना चाहती , प्रदेश सरकार केंद्र सरकार द्वारा कर्ज लिमिट घटाने पर सवाल उठा रही है, वहीं इसी को लेकर भाजपा प्रदेश सरकार को घेर रही है और लिमिट घटाने को सही करार दे रही है ।इसी बीच रविवार को मुख्यमंत्री के प्रधान मीडया सलाहकार नरेश चौहान ने विपक्ष के आरोपो को पलटवार किया है ।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सूक्खु के प्रधान मीडिया सलाहकार विपक्ष के आरोपो पर पटलवार करते हुए कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार को बने 6 महीने का समय हुआ है ।जिस प्रकार से पूर्व भाजपा सरकार ने प्रदेश पर 75 हजार करोड़ का कर्ज और 11 करोड़ की देनदारियां छोड़ी है, वो अपने आप मे बहुत बड़ा दवाव कर्जे का सरकार के ऊपर है, लेकिन मुख्यमंत्री सुख्खू ने अपने 6 महीने का कार्यकाल में बहुत बड़े फैसले लिए है और हमेशा एक प्रयास किया है कि सरकार को प्रदेश की आर्थिक स्थिति को सबसे पहले ठीक करना है और वो उस काम मे लगे हुए हैलेकिन इस बीच क्या हुआ कि पूर्व सरकार में जो कर्जा लेने की सीमा 14500करोड़ थी उंसको एक दम साढ़े 5 हजार करोड़ घटा दी वो केवल 8500 करोड़ रू रह गयी ।
इसको लेकर उन्होंने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि इंफ्लूएशन जब बढ़ती है हर साल चीज महंगी होती है तो कर्जा लेने की जो सीमा 14500 करोड़ थी इस वर्ष वो कम से कम 16हजार करोड़ से ज्यादा होनी चाइये थी लेकिन उल्टा उसमें 5500 करोड़ की कटौती की गई ये अपने आप मे बहुत बड़ी चुनोती है । उंन्होने कहा कि इसके अलावा एक और बंदिश केंद्र सरकार राज्यो पर लगा दी है, जिसमे की जितने भी बड़े प्रोजेक्ट है जिसके लिए वर्ल्ड बैंक , एशियन डेवलपमेंट बैंक जैसी संस्थाओं से एड लेके पोजेकट को राज्य के अंदर चलाते है उसमें भी केंद्र सरकार ने कैपिंग कर दी है कि राज्य 7 हजार करोड़ से उपर का कर्जा राज्य नही ले सकते यह दोनों चीजे अपने आप मे विकास को रोकने वाली है । उंन्होने कहा कि जब राज्य के पास पैसा नही होगा तो निश्चित तोर पर विकास में बाधा आएगी लेकिन मुख्यमंत्री इन सब चुनोतियों के लिए तैयार है । उन्होने इसके लिए प्रयास किए है प्रदेश में वितीय संसाधनों को बढ़ाने के लिए वाटर सेस को कानून बनाया है उसके अलावा पावर प्रोजेक्ट में हिमाचल को मिलने वाले हिस्से को 12 प्रतिशत से बड़ाकर कम से कम 30 प्रतिशत हिस्सा पावर प्रोजेक्ट में मिलना चाहिए । इसके अलावा सीएम सूक्खु ने प्रदेश के हक के लिए पड़ोसी राज्यो के मुख्यमंत्री व केंद्र से के लगभग सभी मंत्रियो से मुलकात कर चुके है । फ्रंट फुट में हिमाचल के हक के लिए लड़ाई लड़ रहे है, इसमे सभी लोगो पक्ष, विपक्ष व प्रदेश वासियों को उनका साथ देना चाहिए ।
