नाहन /देवेन्द्र कुमार– गिरीपार क्षेत्र के ओबीसी समाज के संरक्षण को लेकर गिरिपार ( हाटी ) अन्य पिछड़ा वर्ग संरक्षण मंच की बैठक नाहन में आयोजित की गई। बैठक में उपस्थित गिरिपार के तमाम क्षेत्रों से पहुंचे प्रतिनिधियों ने ओबीसी समाज के उत्थान को लेकर चर्चा की। बैठक में निर्णय लिया गया कि केंद्र सरकार द्वारा जिला सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिया गया है। जिसका ओबीसी वर्ग स्वागत करता है , लेकिन सरकार से मांग करता है कि अनुसूचित जनजाति वर्ग के साथ साथ जिला सिरमौर के अन्य पिछड़ा वर्ग के अधिकारों को भी संरक्षित किया जाए और उन्हें जो सुविधाएं मिल रही है उसे यथावत जारी रखा जाए।
अन्य पिछड़ा वर्ग को पहले से मिल रहे आरक्षण को रखा जाए यथावत
गिरिपार ( हाटी ) अन्य पिछड़ा वर्ग संरक्षण मंच के अध्यक्ष सीताराम शर्मा ने बताया कि गिरिपार को जनजाति घोषित करने पर ओबीसी वर्ग को किसी भी प्रकार की कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन अन्य पिछड़ा वर्ग के हितों को देखते हुए सरकार पहले से ओबीसी के लिए निर्धारित आरक्षण को बरकरार रखें। गिरिपार ( हाटी ) अन्य पिछड़ा वर्ग संरक्षण मंच द्वारा गठित कार्यकारिणी जल्द ही हिमाचल प्रदेश की सरकार के मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगी और अन्य पिछड़ा वर्ग के हितों की पैरवी करेगी। इस अवसर पर गिरिपार ( हाटी ) अन्य पिछड़ा वर्ग संरक्षण मंच ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा गिरीपार की जनजाति क्षेत्र की दशकों पुरानी मांग को पूरा किया गया है जो सराहनीय है। साथ ही उन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार से मांग की है कि अन्य पिछड़ा वर्ग को जो आरक्षण पहले मिल रहा है उस आरक्षण को यथावत रखा जाए , ताकि अन्य पिछड़ा वर्ग के हितों के साथ किसी भी प्रकार का कोई कुठाराघात ना हो। इस अवसर पर गिरिपार ( हाटी ) अन्य पिछड़ा वर्ग संरक्षण मंच के कार्यकारिणी का गठन किया गया
