संजीव महाजन, इंदौरा: शारीरिक रोगों को किस तरह से घेरलू उपायों से ठीक किया जा सकता हैं इस बात की जानकारी आशा वर्कर्स की ओर से ग्रामीणों को उपलब्ध करवाई जाएगी। आशा वर्कर्स को इसके लिए पांच दिन की ओईईईसी ट्रेंनिग विधानसभा क्षेत्र इंदौरा के सिविल अस्पताल में दी गई जिसका रविवार को समापन हुआ।
इस पांच दिवसीय शिविर में आशावर्कर्स को डॉ. निखिल व हेल्थ वर्कर निर्मल कुमारी ने इंदौरा की सभी आशावर्कर्स को शारिरिक रोगों के बारे अवगत करवाया,जिसमें सभी आशावर्कर्स को फील्ड में जनता को शारीरिक रोगों के बारे घरेलू नुस्खे बताने के बारे जानकारी दी गई ओर एमरजेंसी होने पर मेडिकल की सुविधा उपलब्ध करवाने की सलाह दी।
उन्होंने बताया कि कान हमारे शरीर का बेहद ही नाजुक अंग होता है। अक्सर लोगों की आदत होती है कि वह बैठे-बैठे अपने कान को या तो हाथों से खुजली करते हैं या फिर किसी अन्य चीजों से साफ करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसा करना खतरनाक साबित हो सकता है। कान में मैल जमा होना आम बात है और समय पर इसकी सफाई करना भी बेहद जरूरी है।
अगर आप कानों की सफाई समय-समय पर नहीं करते हैं तो इससे आपको दर्द, खुजली, जैसी परेशानियों का सामना करना पर सकता है। इतना ही नहीं कान में गंदगी जम जाने से बहरापन जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं, इसलिए कान की सफाई करते रहना चाहिए। अगर आप भी अपने कान में मैल जम जाने से परेशान है तो कुछ घरेलू उपायों से इससे जल्द छुटकारा पा सकते हैं।
शिविर में सांप के काटने को लेकर भी जानकारी दी गई और बताया गया की यह घातक हो सकता हैं। हर साल लाखों मौतें सांप के काटने से होती हैं। कुछ सांप ज्यादा ज़हरीले होते हैं तो कुछ कम जहरीले होते हैं। कम ज़हरीले सांप के काटने से भी स्थिति गंभीर हो सकती है , जिसके चलते हमें जल्दी से डॉक्टर को चैक करवाना चाहिए ताकि सांप का जहर हमारे शरीर में न फैल सके।
