हमीरपुर, अरविन्द -:हमीरपुर सदर के विधायक आशीष शर्मा ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से अहम मांगें उठाते हुए जिले में शिक्षा व्यवस्था और जनस्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने की अपील की है। उन्होंने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर हमीरपुर शहर के कन्या और बाल स्कूलों को मर्ज न करने की गुहार लगाई है।
विधायक का कहना है कि दोनों स्कूलों में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं और ऐसे में इन्हें एक साथ मिलाने से शिक्षा व्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ेगा। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि बदलाव जरूरी है तो एक स्कूल को सीबीएसई और दूसरे को हिमाचल प्रदेश बोर्ड से संबद्ध किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को अपनी पसंद के अनुसार शिक्षा प्रणाली चुनने की स्वतंत्रता मिल सके।
मीडिया से बातचीत में आशीष शर्मा ने कहा कि प्रस्तावित मर्जर से सैकड़ों छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग बोर्ड की सुविधा मिलने से न केवल छात्रों को विकल्प मिलेगा बल्कि जिले में शिक्षा का स्तर भी बेहतर होगा। उन्होंने इस विषय पर सरकार से पुनर्विचार करने का आग्रह किया।इसके साथ ही विधायक ने हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र में फैले डायरिया के मामलों पर भी गहरी चिंता जताई है। उन्होंने सरकार से इस समस्या की रोकथाम के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाने की मांग की। उनका कहना है कि पेयजल योजनाओं के रखरखाव में लापरवाही के कारण यह स्थिति उत्पन्न हो रही है।
आशीष शर्मा ने आईपीएच विभाग को निर्देशित करने की मांग की कि जिन क्षेत्रों में डायरिया के मामले सामने आए हैं, वहां की जल योजनाओं का गहन निरीक्षण किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि खड्डों में बहने वाले दूषित पानी को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, क्योंकि यही जल स्रोतों के प्रदूषण का मुख्य कारण बन रहा है।इसके अलावा, विधायक ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और कहा कि इस पूरे मामले की गहराई से जांच की जानी चाहिए, ताकि बीमारी फैलने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
TAGGED:
Hamirpur MLA Ashish sharma
Chandrika
