मंडी,धर्मवीर(TSN)-आज पूरे देश भर में विभिन्न कर्मचारी संगठनों द्वारा यूपीएस का विरोध किया जा रहा है।हिमाचल प्रदेश में नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ के बैनर तले यूपीएस का विरोध किया गया।हालांकि हिमाचल में सुक्खू सरकार ने अपने वादे को पूरा करते हुए पुरानी पेंशन की बहाली कर दी है और हिमाचल के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन मिलना भी शुरू हो गई है।लेकिन कर्मचारियों का कहना है कि हिमाचल प्रदेश में हजारों ऐसे कर्मचारी हैं जो केंद्र सरकार के अधीन आते हैं और केंद्र सरकार की यूपीएस योजना एनपीएस से भी खतरनाक है। जिसके लिए वे केंद्र सरकार की यूपीएस योजना का विरोध कर रहे हैं।
यूनिफाइड पेंशन स्कीम कर्मचारी के लिए साबित होगी उल्टी पेंशन स्कीम- प्रदीप ठाकुर
मंडी जिला में भी नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर की अगुवाई में कर्मचारियों का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त मंडी से अपूर्व देवगन से मिला और जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन सौंप कर केंद्र सरकार से यूपीएस को बंद करने की गुहार लगाई। इस मौके पर नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने बताया कि केंद्र सरकार की एनपीएस के 20 वर्षों बाद लाई गई यूपीएस योजना कर्मचारियों के हित में नहीं है।केंद्र के इस योजना का पूरे देश भर में विरोध किया जा रहा है जिसका हिमाचल प्रदेश के कर्मचारी भी विरोध करते हैं।केंद्र सरकार की यूनिफाइड पेंशन स्कीम कर्मचारी के लिए उल्टी पेंशन स्कीम साबित होगी।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर केंद्र सरकार यूपीएस को जल्द वापस नहीं लेती है तो हिमाचल प्रदेश में भी कर्मचारी सड़कों पर उतरकर इसका विरोध करेंगे।वहीं उन्होंने कहा कि एनपीएस के तहत हिमाचल के कर्मचारियों का 12 हजार करोड से अधिक पैसा केंद्र सरकार के पास पडा हुआ है, कर्मचारियों के इस पैसे को भी केंद्र सरकार वापिस करें।
