धर्मशाला, राहुल चावला-:पूर्व स्वास्थ्य मंत्री एवं सुलह विधानसभा क्षेत्र के विधायक विपिन सिंह परमार ने धर्मशाला में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के कार्यकाल में लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास किया गया और पंचायती राज व शहरी निकाय चुनावों को समय पर करवाने में भी अनावश्यक देरी की गई।
परमार ने कहा कि सरकार चुनावों को टालना चाहती थी, लेकिन न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद चुनाव संपन्न हुए। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में हुए पंचायत, जिला परिषद, ब्लॉक समिति तथा नगर निकाय चुनावों में जनता ने भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को व्यापक समर्थन देकर सरकार के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने नगर निगम धर्मशाला में भाजपा को मिले बहुमत को जनता के विश्वास का प्रमाण बताया।भाजपा नेता ने सभी नव-निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि लोगों ने उन्हें विकास और जनसेवा के उद्देश्य से चुना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये प्रतिनिधि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए विपिन परमार ने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में प्रदेश में अराजकता का माहौल बना है। महिलाओं, युवाओं, कर्मचारियों और पेंशनरों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे अब तक लंबित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न प्रकार के माफिया प्रदेश में सक्रिय हैं और सरकार उन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में नाकाम रही है।
मुख्यमंत्री द्वारा निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को लेकर की गई कथित टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए परमार ने कहा कि जिला परिषद और ब्लॉक समिति के सदस्य जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि हैं और उनके सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली किसी भी टिप्पणी से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुने हुए प्रतिनिधियों का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए।केंद्र सरकार से मिलने वाली आर्थिक सहायता का उल्लेख करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार संसाधनों के सही उपयोग में विफल रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रदेश को पर्याप्त सहायता प्रदान कर रहा है, लेकिन उसका लाभ आम लोगों तक प्रभावी ढंग से नहीं पहुंच पा रहा। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बेटियों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के हित में चलाई जा रही कई योजनाएं बंद कर दी गई हैं।नशे के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए परमार ने कहा कि सरकार को नशा तस्करी और उससे जुड़े नेटवर्क के खिलाफ कठोर कदम उठाने चाहिए, ताकि युवाओं को इस खतरे से बचाया जा सके।
