चिंतपूर्णी, विकास -:उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर के विस्तारीकरण और सौंदर्यीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। लंबे समय से लंबित प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन निर्माण कार्य शुरू हो गया। मंदिर प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की निगरानी में शिव मंदिर तालाब की ओर जाने वाली सीढ़ियों के पास से कटिंग का कार्य आरंभ किया गया है। इसके बाद मुख्य भवन की नींव डालने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और उनकी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में चार मंजिला भव्य भवन का निर्माण प्रस्तावित है। इस आधुनिक परिसर में श्रद्धालुओं के लिए वातानुकूलित प्रतीक्षालय, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए एस्केलेटर, आधुनिक शौचालय तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की योजना है। परियोजना पूरी होने के बाद श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए इंतजार करने के दौरान अधिक सुविधाजनक व्यवस्था मिलने की उम्मीद है।
केंद्र और प्रदेश सरकार के सहयोग से साकार होगी विकास परियोजना
माता चिंतपूर्णी मंदिर के विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार की प्रसाद (PRASHAD) योजना के तहत मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण और सुविधाओं के विकास के लिए 56.26 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस परियोजना के शिलापट्ट का ऑनलाइन अनावरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पहले किया जा चुका है।
वहीं, हिमाचल प्रदेश सरकार भी मंदिर के व्यापक विकास के लिए बड़े स्तर पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के दिशा-निर्देशों के तहत राज्य सरकार की ओर से इस कायाकल्प परियोजना पर लगभग 206 करोड़ से 250 करोड़ रुपये तक खर्च किए जाने की जानकारी दी गई है।
भूमि संबंधी अड़चनें दूर होने के बाद निर्माण कार्य में तेजी
मंदिर परिसर के विस्तारीकरण के लिए निर्माण क्षेत्र में आने वाली दुकानों के अधिग्रहण और अन्य भूमि संबंधी बाधाओं को दूर करने के बाद परियोजना को गति मिली है। प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने से अब निर्माण कार्य शुरू करने का रास्ता साफ हुआ है।परियोजना के पूरा होने के बाद माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ ही क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित भव्य परिसर के निर्माण से शक्तिपीठ की धार्मिक महत्ता के अनुरूप व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

