Shimla, Sanju –शिमला में सड़क सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। हिमाचल प्रदेश के सड़क परिवहन विभाग और जिला प्रशासन शिमला के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को बचत भवन में सड़क सुरक्षा पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।इस कार्यशाला का उद्देश्य सड़क हादसों में कमी लाना और लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में परिवहन, पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारी शामिल हुए।विशेषज्ञों ने सड़क सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं जैसे ट्रैफिक नियमों का पालन, सीट बेल्ट और हेलमेट की अनिवार्यता, नशे में गाड़ी चलाने से बचाव और तेज रफ्तार से ड्राइविंग पर रोक जैसे विषयों पर जानकारी दी।इस दौरान आरटीओ शिमला अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि भारत में हर साल लगभग पांच लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें करीब डेढ़ लाख लोग अपनी जान गंवा देते हैं।उन्होंने यह भी बताया कि भारत में दुनिया के कुल वाहनों का केवल 1 प्रतिशत हिस्सा है, लेकिन सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या 11 प्रतिशत है।सबसे चिंताजनक बात यह है कि इनमें से 60 प्रतिशत दुर्घटनाएं 18 से 36 वर्ष के युवाओं के साथ होती हैं।केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में 50 प्रतिशत तक की कमी लाने का लक्ष्य रखा है, और इसी उद्देश्य से देशभर में इस तरह की जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं।
