धर्मशाखा, Rahul-जिला मुख्यालय धर्मशाला के समीप रक्कड़ पंचायत में सोमवार को निक्षय शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर पंचायत भवन में आयोजित हुआ, जहां टीबी के संभावित मरीजों की जांच के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई गईं।
बीएमओ डॉ. रूबी भारद्वाज ने जानकारी दी कि इस शिविर में टांगलेन संस्था द्वारा कोरिया से लाई गई मोबाइल एक्स-रे मशीन का उपयोग किया गया। पंचायत में पूर्व में ऐसे लोगों की पहचान की गई थी जो टीबी के खतरे की श्रेणी में आते हैं। इनमें 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग, मधुमेह रोगी, धूम्रपान और शराब का सेवन करने वाले, शारीरिक रूप से कमजोर तथा कैंसर रोगी शामिल थे।स्क्रीनिंग से पूर्व इन व्यक्तियों से टीबी के दस सामान्य लक्षणों के बारे में पूछा गया।डॉ. भारद्वाज ने कहा कि टीबी को लेकर समाज में अनेक भ्रांतियां और गलत धारणाएं हैं, जिन्हें दूर करना अत्यंत आवश्यक है।टीबी एक इलाज योग्य बीमारी है, लेकिन लोगों में इसके प्रति डर और गलतफहमी अभी भी बहुत है। ऐसे शिविरों का उद्देश्य सिर्फ जांच नहीं, बल्कि जागरूकता फैलाना भी है। अगर लक्षणों की समय पर पहचान हो जाए तो इलाज आसान हो जाता है।”
