सचिन शर्मा, काजा: लाहौल एवं किन्नौर में संस्कृत में शोध कार्य को आगे बढ़ाने के लिए संस्कृत महाविद्यालय खोलें जाने की मांग हिमाचल संस्कृत अकादमी के सचिव डॉ.केशवा नंद कौशल ने सरकार से की है। यह बात उन्होंने हिमाचल संस्कृत अकादमी शिमला के माध्यम से शुक्रवार को काजा के एडीसी सभागार में संस्कृत छात्र एवं विद्वत सम्मेलन के दौरान कही। इस आयोजन में स्थानीय विद्यालयों के संस्कृत शिक्षकों एवं छात्रों के साथ ही काजा के बौद्ध मठ से बौद्ध भिक्षुओं ने भी भाग लिया। काजा के तहसीलधार इस कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में सम्मिलित हुए एवं हमीरपुर से सेवानिवृत उपनिदेशक बलवंत नड्डा अध्यक्ष के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर हिमाचल संस्कृत अकादमी के सचिव डॉ.केशवा नंद कौशल ने सभी आए हुए मेहमानों का स्वागत करते हुए आने वाले समय में काजा से संस्कृत का अधिक से अधिक विस्तार करने के लिए आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हम सरकार से निवेदन करेंगे की लाहौल एवं किन्नौर में संस्कृत महाविद्यालय खोलें जाऐं ताकि इस क्षेत्र में भी संस्कृत में शोध कार्य आगे बढ़ सके। इस अवसर पर सोलन संस्कृत महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ.प्रेम लाल गौतम ने दिवाकर दत्त के जीवन चरित्र पर अपना शोध प्रस्तुत किया।
इसी कड़ी में फागली संस्कृत महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ.लीलाधर वात्सायन नें भारतीय संस्कृत में बौद्ध दर्शन पर प्रकाश डालते हुए मोक्ष की प्राप्ति के लिए अच्छे कार्यों को करने के लिए प्रयास करने पर बल दिया। इस कार्यक्रम में विशिष्ट गणमान्यों के रूप में डॉ.संदीप शर्मा, डॉ.राहुल शर्मा,डॉ. अमनदीपशर्मा डॉ.जंगछुब नेगी, पी.जी.नेगी, वांगछेननेगी, सुरेन्द्रनेगी किन्नौर, पंचायत प्रधान सोनम डोलमा, कमला नेगी इत्यादि उपस्थित रहे।
