ऊना, राकेश-:हिमाचल सरकार द्वारा एंट्री टैक्स की दरों में बढ़ोतरी किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। नई दरें एक अप्रैल से लागू होनी हैं, लेकिन उससे पहले ही राजनीतिक विरोध शुरू हो गया है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधायक सतपाल सत्ती ने एंट्री टैक्स में वृद्धि को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए सरकार से इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है।
सतपाल सत्ती ने कहा कि पूर्व जयराम सरकार के कार्यकाल में हिमाचल नंबर की गाड़ियों को एंट्री टैक्स में राहत दी गई थी और उन्हें पूरी तरह छूट प्रदान की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने दरों में कई गुना बढ़ोतरी कर आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है।उन्होंने कहा कि एंट्री टैक्स बढ़ने का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा, खासकर उन लोगों पर जो रोजाना सीमावर्ती क्षेत्रों से आवाजाही करते हैं। सत्ती ने सरकार से एंट्री टैक्स को पूरी तरह बंद करने की मांग करते हुए सुझाव दिया कि यदि राजस्व बढ़ाना ही उद्देश्य है तो सरकार कोई वैकल्पिक कर व्यवस्था लागू करे, लेकिन एंट्री टैक्स समाप्त किया जाए।उन्होंने यह भी कहा कि बॉर्डर क्षेत्रों में टैक्स वसूली के कारण लंबा जाम लग जाता है, जिससे लोगों को असुविधा होती है और पर्यावरण पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
