बिलासपुर: कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष में बिलासपुर की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घंढीर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने भी कारगिल शहीदों की शहादत को नमन किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में झंडुत्ता विधानसभा क्षेत्र विधायक जीत राम कटवाल ने राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ ही कारगिल शहीदों को अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर शहीदों की याद में 2 मिनट का मौन रखा गया ओर कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों की वीर नारियों को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर पाठशाला की छात्राओं ने संस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। विधायक ने सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के स्कूल को 5 हजार रु देने की घोषणा की । उन्होंने कहा कि हम सभी के लिए कारगिल विजय दिवस गौरव, गर्व और सम्मान के साथ प्रेरणा भरा दिवस है। हिमाचल प्रदेश देव भूमि होने के साथ-साथ वीर भूमि भी रही है और प्रदेश के हजारों युवा सेना व अर्द्धसैनिक बलों में अपनी सेवाएं प्रदान करते हुए मातृभूमि की रक्षा के लिए तैनात है। युद्ध व अन्य विपत्तियों के दौरान यहां के वीर जवानों ने हमेशा ही अपने साहस और शौर्य का परिचय दिया है। झंडूता विधानसभा क्षेत्र वीरों की भूमि है । यह बड़े गर्व की बात है कि जरनल जोरावर सिंह , द्वितीय विश्व युद्ध के विक्टोरिया क्रास विजेता वीर भंडारी राम व परमवीर चक्र विजेता सुबेदार मेजर संजय कुमार विधानसभा क्षेत्र झंडूता से संबंघ रखते हैं । कारगिल युद्ध में जिला बिलासपुर के 7 प्रदेश के 52 वीर सपूतों ने धरती मां की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया है जिसमे से 4 विधानसभा क्षेत्र झंडुत्ता से संबंध रखते ।
उन्होंने कहा कि उस समय केंद्र में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी ने कारगिल शहीदों की याद में इस दिवस को कारगिल विजय दिवस के रुप में मनाने की शुरूआत की थी । युद्ध के दौरान शहीदों के पार्थिव शरीर उनके घरों तक पहुंचाने का श्रेय भी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी जी को ही जाता है। इसके अतिरिक्त शहीद सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को उचित मान सम्मान प्रदान किया और उनके आश्रितों को हर तरह की सुविधा उपलब्ध करवाने के साथ-साथ आर्थिक सहायता भी उपलब्ध करवाई गई।
इस अवसर पर कर्नल जसवंत सिंह ने कहा कि आज का दिन भारतीयों के लिए काफी अहम है, यह दिन भारतीय सेना के शौर्य और बलिदान का प्रतीक है। कारगिल युद्ध मे शूरवीरों के सर्वाेच्च बलिदान को याद करने का दिन है। आज से 23 साल पहले सेना ने कारगिल में पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी थी। कारगिल जंग के दौरान सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन विजय में पाकिस्तान की करारी हार हुई थी।अतः इस दिन को कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाने के निर्णय से सैनिकों को सम्मान मिला है ।
वहीं भाजपा मंड़ल अध्यक्ष मोहिंद्र सिंह ने कहा कि युद्ध टीम की भावना से लड़ा जाता है इसमें सभी सैनिकों का योगदान शामिल होता है। वीर सैनिकों के योगदान के कारण आज हम अपने घरों में सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि केंद्र तथा प्रदेश सरकार पूर्व सैनिकों व शहीदों के आश्रितों के कल्याण के लिए संकल्पबद्ध है और सैनिकों के हित में कई कल्याणकारी निर्णय लिए गए है । इस अवसर पर विधायक ने शहीदों की याद में अनार के पौधे का रोपण लिया गया । इस मौके पर मंडल महामंत्री दिनेश चंदेल , मनोज लक्खा , महिला मोर्चा अध्यक्ष रचना ठाकुर , पी आर सांख्यान , पी ड़ी शर्मा , कर्नल कृष्ण नड्डा ,कर्नल रतन लाल शर्मा ,कैप्टन राजेश मेहता ,कैप्टन जगदेव , कैप्टन जोगिंदर , कैप्टन राजेंद्र सिंह सहित पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।
