राहुल चावला,धर्मशाला(TSN)-जिला कांगड़ा के ग्रामीण क्षेत्रों में आयुर्वेदिक स्वास्थ्य संस्थाओं में मरीजों को पैरा सर्जिकल प्रक्रिया के तहत सेवाएं उपलब्ध होंगी।इसी कड़ी में आयुष विभाग की ओर से जिला भर के करीब 255 आयुर्वेदिक डाक्टर्स जो कि आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र और आयुष हेल्थ वेलनेस सेंटर्स में कार्यरत हैं को पैरा सर्जिकल प्रक्रिया की ट्रेनिंग दी गई है।पैरासर्जिकल विधि का अर्थ है शल्य चिकित्सा उपकरणों की अनुपस्थिति में गैर शल्य चिकित्सा वस्तुओं या उपकरणों द्वारा की जाने वाली शल्य प्रक्रिया।क्षार,अग्नि और जलौका का उपयोग विभिन्न बीमारियों के लिए आयुर्वेदिक शल्य चिकित्सा विज्ञान में पैरा सर्जिकल प्रक्रियाओं के रूप में किया जाता है।
155 हेल्थ वेलनेस सेंटर
जिला कांगड़ा में 155 हेल्थ वेलनेस सेंटर हैं,जिनमें तैनात डाक्टर्स को माह में दो दिन आउटरीच कैंप करने होते हैं।सभी आयुष चिकित्सा अधिकारियों को सिरोधारा यंत्र दिए गए हैं,उसके बारे में तीन सत्रों में पैरा सर्जिकल प्रोसिजर को लेकर डाक्टर्स को ट्रेनिंग दी गई हैं,जिसमें रक्त मोक्षण, अग्रिकरण,जलौका के बारे में जानकारी उपलब्ध करवाई गई है।इस ट्रेनिंग का उद्देश्य आयुष हेल्थ वेलनेस सेंटर में उपचार हेतू आने वाले लोगों को पैरा सर्जिकल प्रोसिजर के तहत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
एएचसी को अपग्रेड करने की योजना
जिला में कार्यरत आयुर्वेदिक हेल्थ सेंटर (एएचसी) को भी अपग्रेड करने की योजना है।जिस पर आयुष विभाग चरणबद्ध तरीके से काम कर रहा है,जिससे कि मरीजों को अपग्रेड किए गए आयुष संस्थानों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें, इसके लिए जिला के आयुष चिकित्सा अधिकारियों को पैरा सर्जिकल प्रोसीजर की टे्रनिंग दी गई है।इसी के साथ जिला में कार्यरत एएचसी को भी चरणबद्ध तरीके से अपग्रेड करने की योजना है।
