संजु चौधरी, शिमला: हिमाचल को ग्रीन स्टेट बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार लगातार कदम बढ़ा रही हैं। इसी कड़ी में प्रदेश की राजधानी शिमला में 20 नई इलेक्ट्रिक बसें आ चुकी हैं। यह बसें एचआरटीसी के बेड़े में शामिल हो चुकी हैं। सोमवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू व उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने नई बसों को चौड़ा मैदान से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 20 बसों के बेड़े में शामिल होने के बाद शिमला में 70 इलेक्ट्रिक बसें हो गई हैं।
यह नई बसें शिमला शहर में 30 से 40 किलोमीटर के दायरे में चलेंगी। हिमाचल में एचआरटीसी के बेड़े में अब 200 के करीब इलेक्ट्रिक बसें शामिल हो गई हैं। “ग्रीन हिमाचल क्लीन हिमाचल” के नारे के साथ डीजल बसों हो बदला जा रहा हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि इन बसों को डीजल की चल रही पुरानी हो चुकी बसों से रिपलेस किया जाएगा। शिमला शहर के डिपुओं में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ने से डीजल बसों से निकलने वाले प्रदूषण में कमी आएगी और इससे शहर की आबोहवा में और भी सुधार होगा। उन्होंने कहा कि शहर में इलेक्ट्रिक बसों के लिए शहर में इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग स्टेशन बनाए गए हैं। इसके अलावा भी इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन बनाए जायेंगे। 110 इलेक्ट्रिक बसें आ गई है 75 ओर नई बसें हिमाचल में आएंगी।
वहीं उप- मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री जिनके पास एचआरटीसी का भी जिम्मा हैं, उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार बनने के बाद एचआरटीसी के बेड़े में 200 के करीब नई बसें खरीदी गई हैं। उन्होंने इसका कारण बताते हुए कहा कि एचआरटीसी में तीन हजार से ज्यादा बसें है जिनमें से 1000 से 1200 बसें अपनी उम्र पूरी कर चुकी है, जिनको नई बसों से बदला जा रहा हैं। मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कीवहिमाचल में 2026 तक 80 फ़ीसदी बसें इलेक्ट्रिक करने का लक्ष्य रखा गया हैं। शहर में नई 20 इलेक्ट्रिक बसों के चलने से जहां प्रदूषण कम होगा वहीं यात्रियों को पुरानी बार-बार खराब हो रही बसों से भी छुटकारा मिलेगा।
