संजु चौधरी,शिमला: नगर निगम शिमला के चुनावों को लेकर इंतजार अब खत्म हो चुका हैं। चुनाव आयोग की ओर से चुनाव की तारीख तय कर दी गई है तारीख तय होने के बाद अब चुनावी बिगुल बज चुका हैं। सभी राजनीतिक दल नगर निगम शिमला के चुनावों की तैयारियों में जुट चुके हैं। 2 मई को नगर निगम चुनावों के लिए मतदान होगा जिसके लिए 13 अप्रैल से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। वहीं सभी दलों ने उम्मीदवारों की तलाश भी शुरू कर दी हैं।
नगर निगम चुनावों के लिए कांग्रेस ने उम्मीदवारों के आवेदन मांगे हैं और 22 अप्रैल तक का समय आवेदन के लिए दिया हैं। वहीं भाजपा वार्ड प्रवासी प्रभारी तैनात कर पैनल बनाने में जुटे हैं। इसके अलावा कांग्रेस, बीजेपी ने नेताओं की फ़ौज चुनाव में उतार दी हैं। कांग्रेस ने सभी कमेटियों की घोषणा कर दी हैं। वहीं चुनाव को लेकर एक दूसरे पर फर्जी वोटर बनाने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं।
भाजपा के मीडिया सह प्रभारी कर्ण नंदा ने कहा कि भाजपा नगर निगम चुनाव को लेकर तैयार हैं। 34 वार्डों में पूर्व मंत्री, विधायकों,प्रवासी प्रभारी तैनात किए हैं। बैठक कर रोडमैप बना लिया गया हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव डर रही हैं। कांग्रेस 2017 की वोटर लिस्ट पर चुनाव करवा रही हैं जबकि 2022 की लिस्ट पर चुनाव होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि रोस्टर की घोषणा जल्द बाजी में की गई। रोस्टर भी अपने उम्मीदवार को देखते हुए कांग्रेस ने बनाया हैं। उन्होंने कहा कि 34 प्रभारीयों के साथ बैठक कर ली है । नाम सौंपे हैं। हाईकोर्ट में फैसला सुरक्षित हैं।भाजपा उम्मीदवारों की घोषणा करेगी और दलबल के साथ चुनाव लड़ेगी।
वहीं कांग्रेस महासचिव यशवंत छाजटा ने कहा कि कांग्रेस ने नगर निगम चुनाव को लेकर कमेटियों का गठन कर लिया हैं। तेजेंद्र पाल बिट्टू को प्रभारी बनाया गया हैं स्क्रीनिंग कमेटी में हर्ष वर्धन चैयरमैन, कंपेन कमेटी का जिम्मा डिप्टी सीएम को सौंपा हैं।उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आवेदन मांगे हैं। 11 अप्रैल को स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक होगी ओर हाईकमान को नाम भेजे जाएंगे। उन्होंने कहा कि जीतने वाले उम्मीदवारों को कांग्रेस चुनावी मैदान में उतरेगी।
वहीं भाजपा की ओर से फर्जी वोट बनाने के आरोपों पर उन्होंने पलटवार किया और कहा कि 2022 में ही नगर निगम चुनाव होने थे लेकिन भाजपा ने जो धांधलियां की थी। वार्डों का पुनर्सीमांकन किया। फर्जी वोट बनाए थे उस पर हाईकोर्ट ने रोक लगाई थी और अब भाजपा कांग्रेस पर आरोप लगा रही हैं लेकिन कांग्रेस ने कोई फर्जी वोट नहीं बनाए गए हैं।
वहीं माकपा जिला सचिव संजय चौहान ने कहा कि पूर्व सरकार ने हार को देखते हुए नगर निगम के चुनाव टाले थे। चुनाव जून 2022 में तय थे अब चुनाव हो रहे है उसके लिए माकपा पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार के 5 साल के नीतियों की वजह से जनता परेशान हैं। कांग्रेस, भाजपा की निजीकरण नीति रही हैं। कूड़े,पानी के बिल बढ़ाकर जनता पर बोझ डाला जा रहा हैं। पानी का निजीकरण किया गया हैं। माकपा जनता के मुद्दों पर चुनाव लड़ती है ओर इन चुनावों में भी माकपा 34 वार्डों में अपने उम्मीदवार उतारेगी।
