शिमला:संजु चौधरी(TSN)-हिमाचल प्रदेश में इन दिनों गर्मी अपने चरम पर है,वही राजधानी शिमला में 12 वर्षों के बाद शिमला में सूर्यदेव के इस कदर कड़े तेवर देखने को मिले है।राजधानी शिमला में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के चलते जलस्रोतों का जलस्तर घट गया है।परिणामस्वरुप पानी की क़िल्लत बढ़ती जा रही है।शिमला में इन दिनों जलसंकट गहराता जा रहा है।पहले जहां तीसरे दिन लोगों को पानी की सप्लाई हो रही मिल रही थी,वहीं अब जलस्तर घटने से चौथे दिन शहरवासियों को पानी नसीब होगा। इससे लोग भी काफी परेशान हो गए हैं।
प्रतिदिन 50 टैंकर की आ रही डिमांड
पानी की किल्लत के चलते शहर के लोगों को परेशानियों से दो चार होना पड़ रहा है। इसके अलावा शहर के उपनगरों में लोग पांच दिनों से पानी का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि जल प्रबंधन निगम का दावा है कि शहर में 2 दिन बाद पानी की सप्लाई आएगी इसके लिए शिमला जल प्रबंधन निगम ने शेड्यूल भी जारी कर दिया है।राजधानी में प्रतिदिन 50 टैंकर की डिमांड आ रही है।जिसे नगर निगम पूरा करने का प्रयास कर रहा है.
महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से गर्मी बढ़ने के कारण जल परियोजनाओं में पानी काफी ज्यादा कम हो गया है ।मेयर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि शिमला में पानी की समस्या चल रही है।लोगों को तीसरे चौथे दिन पानी दिया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से पड़ रही भयंकर गर्मी के कारण जल परियोजनाओं में पानी का स्तर कम हो गया है। उन्होंने कहा कि अगले साल तक सतलुज से शिमला में पानी आ जायेगा तो 23 किलोमीटर की पाइप लाइन बिछनी है जिसमें से लगभग 19 किलोमीटर की लगभग लाइन बिछ गई है बाकी कार्य पूरा होते ही पानी की समस्या काफ़ी हद तक कम हों जायेगी। इसके आलावा शिमला के शौचालय में भी पीने का ही पानी उपयोग में लाया जाता है। इस पर भी निगम अलग से पाइप बिछाने की योजना बना रहा है जिसमे अलग जलस्रोतों से पानी की सप्लाई की जाएगी ।शिमला में जल भंडारण भी बढ़ दिया है आने वाले दिनों में अब स्टोरेज भी नगर निगम के पास बढ़ जाएगी
