Shimla, Sanju (TSN)-सैहब सोसाइटी के अंतर्गत काम करने वाले गार्बेज कलेक्टर, सुपरवाइजर, रोड स्वीपर सहित सैकड़ों कर्मचारी नगर निगम शिमला के खिलाफ हड़ताल पर उतर आए हैं। सीटू के बैनर तले यह हड़ताल नगर निगम द्वारा पिछले दस वर्षों से दी जा रही दस प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि को रोकने के विरोध में शुरू की गई है। हड़ताल के चलते पूरे शिमला में कूड़ा न उठाया गया और सफाई व्यवस्था ठप्प हो गई।
नगर निगम के खिलाफ विरोध तेज
डीसी ऑफिस शिमला के बाहर हुए विशाल प्रदर्शन में सैकड़ों कर्मचारियों ने भाग लिया और चेतावनी दी कि जब तक वेतन वृद्धि बहाल नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम पर बायलॉज के उल्लंघन, सरकारी धन के दुरुपयोग और ठेकेदारी प्रणाली को बढ़ावा देने के आरोप लगाए।
सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा व अन्य नेताओं ने सरकार से मांग की कि सैहब व आउटसोर्स कर्मियों को नियमित किया जाए, समय पर वेतन दिया जाए, उन्हें समान वेतन, छुट्टियां, बोनस, पदोन्नति नीति और ईपीएफ भुगतान जैसे सभी वैधानिक अधिकार दिए जाएं। उन्होंने कहा कि यदि मांगे नहीं मानी गईं तो पूरे शहर की सफाई व्यवस्था को ठप्प कर दिया जाएगा.
