कुल्लू : मनमिंन्द्र अरोड़ा -देश की सबसे कठिनतम धार्मिक यात्रा में शुमार श्रीखंड महादेव की यात्रा प्रशासनिक तौर पर सात से 20 जुलाई से शुरू होगी। लेकिन श्रद्धालु अभी से बिना अनुमति के चोरी छिपे यात्रा पर चले गए हैं। इसका वीडियो व फोटो इंटरनेट मीडिया में वायरल हो रहा है।
इंटरनेट मीडिया में वायरल हो रहा है यात्रा करने वालों का वीडियो
इन दिनों लगातार बारिश हो रही है जिस कारण यात्रा में जान भी जा सकती है। 18570 फीट की ऊंचाई पर स्थित श्रीखंड महादेव के दर्शन को हर वर्ष हजारों श्रद्धालु देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे हैं। अभी यात्रा करना जान को जोखिम में डालना है। इस कारण श्रद्धालुओं की मौ+त भी हो सकती है। पगडंडी वाले रास्ते को पार करना किसी चुनौती से कम नहीं है। 35 किलोमीटर की यात्रा में रास्ते में कई प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सबसे अधिक मात्रा में ऑक्सीजन की कमी होती है। इसके अलावा जड़ी बूटियों का भी प्रभाव होता है। जिस कारण यात्रा को सफल करना बेहद कठिन है। प्रशासन तौर से यात्रा शुरू होने के बाद जगह जगह चेक पोस्ट स्थापित की जाती है और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए चिकित्सक, होमगार्ड व अन्य स्टाफ की तैनाती की जाती है। ताकि किसी भी प्रकार की दिक्कत पेश आने से श्रद्धालुओं को चिकित्सा सुविधा प्रदान कर सके।
हालांकि प्रशासन की ओर से अधिकारिक रूप से यात्रा से पूर्व यात्रा न करने के आदेश जारी किए गए हैं। इसके बावजूद भी कुछ लोग यात्रा पर निकल पड़े हैं। वर्ष 2011 से अब तक करीब श्रीखंड यात्रा पर 41 श्रद्धालुओं की मौ+त हो चुकी है। यात्रा के दौरान हर वर्ष श्रद्धालुओं की मौ+त होती है।
छह युवकों पर लगाया था चार हजार जुर्माना
वर्ष 2021 में दिल्ली के छह युवक यात्रा से पूर्व बिना अनुमति के श्रीखंड महादेव गए थे। जिसमें से एक युवक की मौ+त भी हो गई थी। इन युवकों पर पुलिस ने चार हजार रुपए का जुर्माना लगाया था। पुलिस ने यह कार्रवाई उपायुक्त कुल्लू के श्रीखंड महादेव यात्रा पर रोक के आदेश का उल्लंघन करने पर की थी। इस बार इस जुर्माना राशि को भी बढ़ाया जाएगा।
बिना अनुमति के चोरी छिपे यात्रा करने वालों पर होगी कार्रवाई
डीसी कुल्लू आशुतोष गर्ग ने कहा कि बिना अनुमति के चोरी छिपे यात्रा करने वालों पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रशासनिक तौर से यात्रा शुरू होने के बाद ही यात्रा करें अन्यथा कोई अप्रिय घटना घट सकती है। सभी से आग्रह है कि अभी कोई भी यात्रा पर न जाएं।
